इंदौर:भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद पहलवान खूबचंद पिता गन्नूदास की मौत के मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया. अंत्येष्टि से पहले परिजनों ने भागीरथपुरा पुलिस चौकी के सामने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ ही बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग की.परिजनों के अनुसार खूबचंद को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर इलाज के लिए संजीवनी क्लिनिक ले जाया गया था, जहां से दवाइयां देकर उन्हें वापस भेज दिया था, कुछ समय बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई. इसके बाद उनकी पत्नी एम्बुलेंस बुलाने के लिए दोबारा क्लिनिक पहुंची, लेकिन आरोप है कि समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंची और इसी दौरान खूबचंद की मौत हो गई.
मृतक के बेटे रोहित का कहना है कि यदि समय पर इलाज और एम्बुलेंस मिल जाती तो उनके पिता की जान बच सकती थी. प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही के चलते यह मौत हुई है. खूबचंद की मौत के साथ ही भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों की संख्या 29 होने का दावा किया जा रहा है. हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक दूषित पानी से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल क्षेत्र में 6 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 3 आईसीयू में हैं और एक मरीज वेंटिलेटर पर बताया जा रहा है. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे.
