भोपाल। राष्ट्र संत और ‘मूक माटी’ महाकाव्य के रचयिता आचार्य प्रवर विद्यासागर महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर राजधानी भोपाल में उनके जीवन-दर्शन और राष्ट्रहितैषी संकल्पों का स्मरण किया गया। दिगंबर जैन महासभा एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ द्वारा गुफा मंदिर लालघाटी गौशाला में विनयांजलि सभा आयोजित की गई, जहां आचार्य श्री के अधूरे मिशन को पूर्ण करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
सभा में स्वदेशी व हथकरघा अपनाने, ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ कहने, जीव-दया व गौ-सेवा तथा भारतीय मूल्यों पर आधारित संस्कारित शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष संजय जैन मुंगावली ने कहा कि आचार्य श्री अपने विचारों के माध्यम से आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में अनेक धर्मप्रेमी जन उपस्थित रहे।
