
भोपाल। जिला न्यायालय फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र का उपयोग कर मेडिकल सीट पर प्रवेश लेने वाले आरोपी डॉक्टर सुनील सोनकर को 3 साल की सजा सुनाई है. अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना ने आरोपी पर कूटरचित दोषसिद्ध पाए जाने पर अर्थदंड के साथ सजा सुनाई है. प्रकरण में शासन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक एसटीएफ भोपाल अकिल खान और सुधाविजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की.
न्यायालय के जनसंपर्क अधिकारी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल को शिकायत मिली थी. शिकायत के अनुसार व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आयोजित पीएमटी परीक्षा में आरोपी सुनील सोनकर द्वारा वर्ष 2010 मे उत्तीर्ण होने पर म.प्र. राज्य कोटा का लाभ लेने के लिए फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र का उपयोग किया गया. मामले में केस दर्ज किया गया था. सूचना के आधार पर पुलिस थाना एसटीएफ ने जांच करते हुए अभियोग पत्र न्यायालय के सामने पेश किया. न्यायालय ने प्रस्तुत तर्क, साक्ष्य, दस्तावेजों पर सहमत होते हुए आरोपी सुनील सोनकर को दोषी पाया.
