
नई दिल्ली। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शनिवार को राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचीं। वे यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा के साथ 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों भारत और यूरोपीय संघ के बीच गहराते रिश्तों का एक दुर्लभ और अहम संकेत माना जा रहा है।
27 जनवरी को होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में दोनों पक्ष बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में निर्णायक बातचीत करेंगे। इस समझौते से करीब दो अरब लोगों के बाजार आपस में जुड़ सकते हैं और कार, वाइन, वस्त्र व रसायन जैसे उत्पादों पर लगभग 4 अरब यूरो के शुल्क में कटौती संभव है। वर्तमान में भारत-EU के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार लगभग 120 अरब डॉलर का है।
हालांकि कृषि संरक्षण और यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर टैक्स जैसे मुद्दों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं। इन चुनौतियों के बावजूद वॉन डेर लेयेन ने समझौते को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि आखिरी कदम हमेशा सबसे कठिन होता है, लेकिन इसका लाभ कहीं अधिक होगा।
