
रूपनगर। जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह में हुए एक दर्दनाक हादसे में देश ने अपने 10 जांबाज जवानों को खो दिया, जिनमें पंजाब के रूपनगर जिले के 23 वर्षीय सवार जोबनजीत सिंह भी शामिल थे। शुक्रवार को जब सेना का वाहन 200 फीट गहरी खाई में गिरा, तो जोबनजीत का परिवार आने वाली 1 मार्च को होने वाली उनकी शादी की तैयारियों में जुटा था। लेकिन शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचा, तो खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।
इस अत्यंत दुखद घड़ी में भी जोबनजीत के पिता दलवीर सिंह, जो स्वयं सेना से सेवानिवृत्त जूनियर कमीशन अधिकारी (JCO) हैं, फौजी अनुशासन और साहस की मिसाल बने नजर आए। उन्होंने अपनी सैन्य वर्दी पहनी और सीना तानकर अपने शहीद बेटे को अंतिम सैल्यूट दिया। पिता का यह जज्बा देख वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं।
शहीद की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। फूलों से सजे वाहन में निकले जोबनजीत के पार्थिव शरीर पर लोगों ने फूल बरसाए और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए शहीद जवानों की सेवा और बलिदान को याद किया। 23 साल के जोबनजीत अपने पीछे एक गौरवान्वित लेकिन शोकाकुल परिवार छोड़ गए हैं, जिनकी शहादत को पूरा देश नमन कर रहा है।
