
बुधनी। वन परिक्षेत्र अंतर्गत भीमकोठी के जंगल में गुरुवार को एक बाघ का क्ष्ज्ञत- विक्षत शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए टाईगर रिजर्व के चिकित्सकों की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया. मौके पर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), डीएफओ, एसडीओ, रेंजर सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. डॉक्टरों की टीम द्वारा बाघ के शव का प्रारंभिक परीक्षण किया जा रहा है, वहीं मौत के कारणों को लेकर गहन जांच शुरू कर दी गई है. बताया जा रहा है कि बाघ का शव काफी खराब अवस्था में पाया गया है, जिससे मौत के कारणों को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं.
उल्लेखनीय है कि बुधनी क्षेत्र में जंगली जानवरों की अच्छी-खासी तादाद मौजूद है. ऐसे में वन्य जीव विचरण करते हुए कई बार मिडघाट सेक्शन तक पहुंच जाते हैं तो कभी हाईवे पर आ जाते हैं. मिडघाट सेक्शन से होकर इटारसी-भोपाल रेलवे अप-डाउन लाइन गुजरती है, जिस पर बड़ी संख्या में ट्रेनों की आवाजाही रहती है. ऐसे में रेलवे ट्रैक पर वन्य जीवों के आ जाने से अक्सर ट्रेन से टकराने की घटनाएं होती हैं, जिनमें वन प्राणियों की मौत हो जाती है. यही स्थिति हाईवे पर भी देखने को मिलती है, जहां वाहनों की टक्कर से कई बार वन्य जीव काल के गाल में समा जाते हैं. वन परिक्षेत्र अधिकारी राजित द्विवेदी ने बताया कि बाघ का शव करीब दो से तीन दिन पुराना बताया गया है.साथ ही उसका पिछला हिस्सा शिकार होने या खाया जाने पर खत्म हो गया है. संभवत नर बाघ बताया गया है. मौके पर मौजूद मुख्य वन संरक्षक क्षितिज कुमार, एनटीसीए दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव, डीएफओ अर्चना पटेल, टाईगर रिजर्व के डॉ अमित की उपस्थिति में बाघ का पोस्टमॉर्टम कर अंतिम संस्कार किया गया.
