नयी दिल्ली, 21 जनवरी (वार्ता) नागर विमानन महानिदेशालय ने मंगलवार को एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (एटीपीएल) धारकों के लिए डिजिटल लाइसेंस जारी करने की शुरुआत की।
अब एटीपीएल धारक डिजिटल स्वरूप में अपना लाइसेंस देख सकेंगे, उसका सत्यापन कर सकेंगे और विमान सेवा कंपनियों, नियामकों, हवाई अड्डों या किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन के मांगने पर उन्हें दिखा सकेंगे। नागर विमानन महानिदेशक फैज अहमद किदवई ने यहां बुधवार को एटीपीएल के लिए इलेक्ट्रॉनिक पर्सनेल लाइसेंस (ईपीएल) की शुरुआत की।
कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) धारकों के लिए फरवरी 2025 में ही इस सुविधा की शुरुआत कर दी गयी थी। उस समय भारत डिजिटल लाइसेंस जारी करने वाला दुनिया का दूसरा देश बना था।
सीपीएल धारक चार्टर और निजी विमान उड़ा सकता है, जबकि कमांडर के तौर पर बड़े विमान उड़ाने के लिए एटीपीएल की जरूरत होती है। सीपीएल की तुलना में एटीपीएल के लिए ज्यादा उड़ान अनुभव की भी जरूरत होती है। एटीपीएल धारक ही बड़े विमानों में मुख्य पायलट की भूमिका निभा सकता है।
डीजीसीए ने बताया कि ईपीएल से पायलट को हमेशा अपने साथ लाइसेंस रखने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
