भुवनेश्वर (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय रेत शिल्पकार एवं पद्मश्री पुरस्कार विजेता सुदर्शन पटनायक को कई देशों में भगवान गणेश की 50 अनूठी रेत मूर्तियां बनाने के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडिया की ओर से सम्मानित किया गया है।
सुदर्शन ने जर्मनी, इटली, रूस, जापान, कनाडा, ब्रिटेन , स्कॉटलैंड और भारत के कई स्थानों पर ये मूर्तियां बनायी। प्रत्येक मूर्ति में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण (गो ग्रीन), ग्लोबल वार्मिंग, शांति और सद्भाव जैसे ज्वलंत वैश्विक मुद्दों पर एक विशिष्ट और सार्थक संदेश था। यह पहल कला, संस्कृति, आध्यात्मिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के एक दुर्लभ मिश्रण को अभिव्यक्त करती है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडिया की मुख्य संपादक और संस्थापक सुषमा नार्वेकर ने सुदर्शन को ईमेल के माध्यम से आधिकारिक तौर पर बधाई दी और उन्हें उपलब्धि प्रमाण पत्र के साथ एक प्रशंसा पत्र प्रदान किया।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर सुदर्शन ने ओडिशा में पुरी समुद्र तट पर एक अनूठी नींबू गणेश रेत मूर्ति बनाई है। करीब 1,500 नींबू से बनी यह आकर्षक मूर्ति ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक शक्तिशाली राष्ट्रीय संदेश देती है। आठ फीट ऊँची और 4.5 टन रेत से बनी यह मूर्ति कलात्मकता, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय भावना का खूबसूरती से मिश्रण है।
