इंदौर: आज भी नर्मदा पानी लोगों तक पहुंचाने में नगर निगम विफल रहा है. जनता को निजी या सरकारी बोरिंग पर निर्भर रहना पड़ रहा है. जबकि एक तरफ जिला प्रशासन बोरवेल पर पाबंदी लगाता है वहीं दूसरी ओर सरकारी कोटे से ही क्षेत्रों में बोरिंग करवाए जाते हैं.धार रोड के करीब पड़ने वाले वार्ड क्रमांक 5 में नर्मदा पानी को लेकर समस्या सामने आई है. वार्ड के रामानन्द नगर की गली नंबर एक में नर्मदा की लाईन तो घरों तक डाली जा चुकी है लेकिन उसमें नर्मदा का पानी नहीं आता.
कहीं आता है तो इतना भी नहीं होता कि दो-चार बर्तन भर लिए जाएं. क्षेत्र के कई लोगों ने अपने नर्मदा कनेक्शन ही कटवा लिए है क्योंकि पानी मिले बिना ही उन्हें बिल थमाया जा रहा था. कुछ लोगों ने इसलिए नर्मदा कनेक्शन नहीं लिए कि नलों में नर्मदा का पानी तो आता ही नहीं है. हालांकि दूसरे क्षेत्रों की तर्ज पर रामानन्द नगर में भी सरकारी बोरिंग किया गया है. क्षेत्रवासी इसी पर निर्भर हैं. यह बात भी सामने आई है कि कई बार बोरिंग ख़राब होने पर लोगों की मुसीबतें बढ़ जाती है और गर्मियों के पूरे मौसम में लोगों को पानी की किल्लत उठानी पड़ती है.
इनका कहना है…
हमारे घर के सामने घरों में नर्मदा कनेक्शन है पर पानी नहीं आता. इसको देखते हुए हमने भी आज तक नर्मदा कनेक्शन नहीं लिए. अधिकांश लोग बोरिंग से पानी भरकर काम चलाते हैं.
– सकुन बाई
नर्मदा का पानी आता है लेकिन एक घंटा भी पानी नहीं दिया जाता. कुछ जगह तो नलों से पानी कम आता है. कहीं एक बूंद पानी नहीं आता. कुछ लोगों ने कनेक्शन तक कटवा लिए.
– ज्योति राजोरे
बोरिंग ख़राब होने पर तुरंत तो सुधरता नहीं. कई दिनों तक लोगों पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है. गर्मियों में भी बोरिंग में पानी कम हो जाता है. नर्मदा लाईन सुधरे तो सुविधा हो जाए.
– अनिता पाल
