नयी दिल्ली, (वार्ता) भाजपा के वरिष्ठ सदस्य तथा वक़्फ़ संशोधन विधेयक पर गठित जेपीसी के अध्यक्ष रहे जगदंबिका पाल ने कहा है कि विधेयक पर समिति के सदस्यों ने व्यापक चर्चा की और समिति की इस पर रिकॉर्ड बैठकें हुई हैं।
श्री पाल ने लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए बुधवार को कहा कि और उनका सौभाग्य रहा है कि वह वक़्फ़ के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति जेपीसी के अध्यक्ष रहे हैं। उनका कहना था की सरकार की यदि गलत मंशा रहती तो विधेयक को पहले ही पारित करवा देते लेकिन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने इस विधेयक को सीधे जेपीसी को भेज दिया।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक पर समिति ने व्यापक चर्चा की और इस पर 5 महीने में 38 बैठकें हुई है। उनका कहना था कि जेपीसी में सदस्यों को पर्याप्त बोलने का समय दिया गया। इस पर जमकर के सदस्यों ने अपनी बात रखी और सबको पूरा अवसर दिया गया।
श्री पाल ने कहा कि यह विधेयक कि विधेयक को पारित करना ऐतिहासिक घटना है। इस पर समिति में अभूतपूर्व चर्चा हुई है और विपक्ष ने जो सवाल उठाये उनका पारदर्शी तरीके से सीधा उत्तर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक लाने का मकसद सच्चर समिति की 2006 की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए यह भी देख लाया गया है और यह संशोधन विधेयक अब तक की विधायकों में सर्वश्रेष्ठ और मुसलमान के हित का विधेयक है।
