सीहोर।शहर में बने बहुमंजिला व्यवसायिक काम्प्लेक्स सुविधा नहीं बल्कि यातायात जाम और अव्यवस्था की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं. नगर नियोजन के नियमों को ताक पर रखकर पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट में अवैध रूप से दुकानें संचालित हो रही हैं, जिसके चलते ग्राहकों और दुकानदारों के वाहन सड़कों पर खड़े हो रहे हैं. नतीजा—दिन भर जाम जैसे हालात, राहगीरों की परेशानी और हादसों का बढ़ता खतरा बन चुके हैं.
नियमों के मुताबिक, व्यवसायिक काम्प्लेक्स के बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन अधिक कमाई की भूख में संचालकों ने बेसमेंट को दुकान, गोदाम और शोरूम में तब्दील कर दिया है. पार्किंग की व्यवस्था खत्म होते ही वाहन सड़क किनारे, चौराहों और संकरे रास्तों पर खड़े होने लगे हैं. इससे न सिर्फ यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और आपात सेवाओं के लिए रास्ता तक नहीं बचता.
जिला मुख्यालय पर यातायात बाधित होने की समस्या आम हो चुकी है. इसका प्रमुख कारण बस स्टैंड से गंगा आश्रम तक अनेक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स के सामने बेतरतीब ढंग से खड़े वाहन रहते हैं. चारपहिया व दुपहिया वाहनों के नो पार्किंग में खड़े होने की वजह से दिन में दर्जनों बार जाम लगता है. कई बार तो मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंसती हैं तो स्कूली बच्चे भी देर तक जाम का दंश झेलते हैं.
यह कोई चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित लापरवाही और खुलेआम नियमों का मखौल उड़ाना है.नक्शों में बेसमेंट पार्किंग दर्शाई गई, अनुमति ली गई और फिर लालच में नियमों को रौंदते हुए बेसमेंट को कमाई का अड्डा बना दिया गया. जिम्मेदार प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी सब जानते हैं, सब देखते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर मौन हंै.
नगरपालिका की कार्रवाई से वाहन चालकों में रोष
हाल ही में नपा द्वारा टोईंग वैन से उन वाहनों को उठाने की मुहिम जारी की गई है जो नो पार्किंग में खड़े रहते हैं. नपा का अमला लगातार बस स्टैंड एवं गंगा आश्रम स्थित व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के बाहर नो पार्किंग में खड़े वाहनों को उठाकर चालानी कार्रवाई कर रहा है. ऐसे में वाहन चालकों का कहना है कि या तो नपा को शहर में पार्किंग स्थल की व्यवस्था करना चाहिए या फिर कॉम्प्लेक्स संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए, जिन्होंने कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में पार्किंग स्थल न बनाते हुए वहां दुकानें बनाकर बेच दी हैं अथवा किराए पर संचालित की जा रही हैं. अगर हमें काम्प्लेक्स के बेसमेंट में पार्किंग की जगह मिल जाएगी तो हम रोड़ पर अपना वाहन क्यों खड़ा करेंगे. नपा को इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए कॉम्प्लेक्स संचालक पर कार्रवाई करना चाहिए.
कार्यप्रणाली पर उठते गंभीर सवाल
सवाल यह है कि जब बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत था, तो दुकानें कैसे खुल गईं? नक्शा पास करने और निरीक्षण करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं हुई? क्या यह सब प्रशासनिक संरक्षण और मिलीभगत के बिना संभव है? एक तरफा चालानी कार्रवाई से नागरिकों का गुस्सा अब फूटने लगा है. लोगों का कहना है कि शहर को जाम में झोंकने वाले काम्प्लेक्स संचालकों पर सीधी कार्रवाई, बेसमेंट में बनी अवैध दुकानों को तत्काल सील, और भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए.
नगरपालिका शीघ्र जारी करेगी नोटिस
नियम विरुद्व कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में दुकानें बनाने वाले कॉम्प्लेक्स संचालकों को शीघ्र ही नोटिस दिए जाएंगे. इसके बाद भी अगर उन्होंने पार्किंग की व्यवस्था नहीं की तो आगामी कार्रवाई की जाएगी.
प्रिंस राठौर,
नगरपालिका अध्यक्ष
