मठारदेव बाबा का मेला: दुनिया में कौन है जिसका मां के जैसा कलेजा है… ने खूब बंटोरी तालियां

सारनी। श्री श्री 1008 मठारदेव बाबा में आनंद उत्सव के तहत प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया.कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती पूजन के साथ हुई। नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे, जगदीश पवार, सभापति भीम बहादुर थापा, दशरथ सिंह जाट, पार्षद छाया अतुलकर, योगेश बरदे, प्रवीण सोनी, किरण झरबडे़, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीके मेश्राम, बैतूल से आए राजेश आहूजा, गोलू राजपूत,दीपक पटेल, किशोर चौहान ने कार्यक्रम की प्रारंभ किया। दिल्ली से आई कवियत्री रजनी श्रीवास्तव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के संयोजक कमलेश सिंह ने बाबा मठारदेव मेले के इतिहास और हिंदी साहित्य, कविता पर वक्तवय दिया। संचालन कर रहे बैतूल के तेज प्रताप तेज ने लोगों को छोटी-छोटी रचनाएं सुनाकर गुदगुदाया। इसके बाद छिंदवाड़ा के कवि भुवन सिंह धासू ने कविता पाठ प्रारंभ किया। उन्होंने हास्य रस की कविताएं सुनाई। भगवान शिव पर रचे बगैर मात्राओं के छंद सुनाए। उन्होंने जरा चले जा तू अस्पताल नर्स डॉक्टरनी ना काम आएंगे, बात मान जा तू मौसमी बीमारी में लुगाई काम आएगी कविता सुनाकर लोगों को खूब हंसाया। वीर रस के कवि इंदौर के हिमांशु हिंद ने है भगवा के दीवाने नफरतें पलने नहीं देते, हरा जिनका यहां वो बुनियादे हिलने नहीं देते, हमारे देश के नेता तिरंगे की सफेदी है, हरे-भगवे को कभी मिलने नहीं देते सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रृंगार रस की कवियत्री रजनी श्रीवास्तव ने लाख तूफा से लड़कर तुम्हारे लिए… हा मोहब्बत में पड़कर तुम्हारे लिए… सुनाकर लोगों से तालियां बटोरी। सागर से आए हास्य रस के कवि डॉ. अखिल आनंद जैन हास्य व्यंग के मुक्तकों की प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने मां पर केंद्रीत कविता प्रस्तु की। मां ही है जिसकी लोरी रामायण सी सच्ची है, मां के चरणों की धूल कोहीनूर से अच्छी है, ईश्वर ने एक बूंद में भरकर पूरा सागर भेजा है, इस दुनिया में कौन है जिसका मां के जैसा कलेजा है की प्रस्तुति दी। संचालन कर रहे तेज प्रताप तेज ने भी कविता पाठ किया।

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