निर्माणाधीन नेशनल हाईवे की घटिया गुणवत्ता, स्कूल के सामने टूटा नाली स्लैब, बच्चों की सुरक्षा पर खतरा

अशोकनगर। बहादुरपुर तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन नेशनल हाईवे की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन न तो प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता दिखा रहे हैं और न ही निर्माण एजेंसी काम की गुणवत्ता सुधारने को तैयार है। स्थिति यह है कि हाईवे से जुड़े कुछ निर्माण कार्य आमजन के लिए सीधे तौर पर खतरा बनते जा रहे हैं।

ताजा मामला ग्राम कुकावली का है, जहां एकीकृत शाला परिसर के सामने से गुजर रहे नेशनल हाईवे पर बनाई गई नाली का स्लैब लगभग 20 फीट लंबाई में दो स्थानों से टूट चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि स्लैब इतना कमजोर है कि जिस स्थान से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकाली जाती है, वहीं से टूट जाता है। करीब तीन माह पहले एक ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालते समय स्लैब टूट गया था, जिससे ट्रॉली का पहिया नाली में धंस गया। बाद में जेसीबी की मदद से ट्रॉली को बाहर निकाला गया। इसी तरह चार दिन पहले दूसरी ओर से ट्रॉली निकालते समय भी स्लैब टूट गया और ट्रॉली पलटने से बाल-बाल बची।

रोजाना गुजरते हैं 62 बच्चे, हादसे की आशंका

एकीकृत शाला के प्रधानाध्यापक हरिशंकर मनिया ने बताया कि करीब तीन माह पहले जब पहली बार नाली का स्लैब टूटकर गड्ढा बना था, तब उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र लिखकर किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताई थी। उन्होंने बताया कि कक्षा एक से आठ तक संचालित इस शाला में कुल 62 बच्चे पढ़ते हैं और परिसर में आंगनवाड़ी केंद्र भी संचालित है। छोटे बच्चे खेलते समय या नाली पार करते हुए इन गड्ढों में गिर सकते हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों का आरोप है कि जहां-जहां उन्होंने निर्माण के दौरान अपने खर्च पर सरिया और सीमेंट लगवाया, वहां स्लैब मजबूत है। जबकि स्कूल के सामने कंपनी द्वारा किया गया कार्य पूरी तरह गुणवत्ताहीन है, जिसके कारण स्लैब बार-बार टूट रहा है।

अन्य गांवों में भी सामने आ चुकी है समस्या

कुकावली के अलावा नजदीकी ग्राम सुमेर में भी नाली की स्लैब दो स्थानों पर टूट चुकी थी। एक जगह ट्रॉला पलटने से और दूसरी जगह यात्री बस का पहिया चढ़ जाने से स्लैब क्षतिग्रस्त हुई थी। हालांकि कंपनी ने कुछ दिन पहले वहां मरम्मत करा दी है। वहीं बहादुरपुर में पुलिस थाने के पास भी नाली का स्लैब धंस चुका है। बहादुरपुर में तो अधिकांश लोगों ने नाली निर्माण के दौरान मजबूती के लिए स्वयं ही सीमेंट और सरिया लगवाया था।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन नेशनल हाईवे के कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और स्कूल के सामने क्षतिग्रस्त स्लैब को तत्काल मजबूत तरीके से दुरुस्त कराया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

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