इजरायल ने अमेरिका से ईरान पर हमला नहीं करने संबंधी की थी अपील : वाशिंगटन पोस्ट

वाशिंगटन, 19 जनवरी (वार्ता) ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई से पूरी तरह निपटने में तैयार नहीं होने के मद्देनजर इजरायल ने पिछले हफ्ते अमेरिका से ईरान पर हमला नहीं करने का अपील की थी
द वाशिंगटन पोस्ट अखबार ने व्हाइट हाउस के एक करीबी अज्ञात सूत्र का हवाला देते हुए बताया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान पर हमला नहीं करने का आग्रह किया था। श्री नेतन्याहू का तर्क था कि ईरान की जवाबी कार्रवाई को सहने के लिए इजरायल पूरी तरह तैयार नहीं है। अखबार के अनुसार, श्री नेतन्याहू ने श्री ट्रम्प से कहा था कि इजरायल ईरान के संभावित जवाबी हमले के खिलाफ खुद की रक्षा के लिए तैयार नहीं है, खासकर तब जब अमेरिका की ओर से इजरायल को ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने में मदद करने के लिए क्षेत्र में पर्याप्त बल प्रदान नहीं कर दिया जाता है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री के एक सलाहकार के हवाले से कहा गया कि श्री नेतन्याहू का मानना है कि वर्तमान अमेरिकी योजना पर्याप्त प्रभावी नहीं है और वांछित परिणाम नहीं देगी।

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि 12 दिवसीय युद्ध के दौरान उस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की पर्याप्त उपस्थिति का न होना एक वैचारिक दोष था। उस समय इजरायल ने अमेरिकी सेना पर बैलेस्टिक मिसाइलों को रोकने का भरोसा किया था। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच फोन पर 14 जनवरी को बातचीत हुई थी, जब उम्मीद की जा रही थी कि श्री ट्रम्प ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू करेंगे। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार सऊदी के राजकुमार मोहम्मद सलमान ने भी श्री ट्रम्प के साथ फोन पर बातचीत की थी और क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंताओं का हवाला देते हुए हमला नहीं करने की सलाह दी थी।
रिपोर्ट में कहा गया कि श्री ट्रम्प के वरिष्ठ सलाहकारों का मानना था कि हमला होने ही वाला है, लेकिन ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्वारा मध्य पूर्व मामलों के सलाहकार स्टीव विटकॉफ को एक संदेश भेजने के बाद तनाव कम हो गया। इस संदेश ने ‘स्थिति को शांत करने में मदद की।’
अखबार ने बताया कि श्री ट्रंप ने क्षेत्र में अमेरिकी सेना की अपर्याप्त उपस्थिति, इजरायल और सऊदी अरब जैसे सहयोगियों की चेतावनी, उनके वरिष्ठ सलाहकारों की चिंताओं के कारण हमला नहीं करने का फैसला किया। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को ही अयातुल्ला अली खामेनेई के 37 साल के शासन को समाप्त करने की घोषणा की थी।

हाल के हफ्तों में, कथित तौर पर ईरान भर में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों प्रदर्शनकारी मारे गए। ऐसे समय में श्री ट्रंप ने ईरानियों को विरोध प्रदर्शन जारी रखने और संस्थानों पर नियंत्रण करने के लिए प्रोत्साहित किया और यह दावा कि जल्द ही बाहरी सहायता मिलने वाली है। श्री ट्रम्प ने हालांकि अगले ही दिन अपना रुख बदल लिया और कहा कि उन्हें सूचित किया गया है कि हिंसा कम हो गई है। उन्होंने संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सामूहिक फांसी रोकने में श्री खामेनेई का संयम ‘उनका अब तक का सबसे अच्छा निर्णय था।’ गौरतलब है कि श्री खामनेई के आधिकारिक एक्स एकाउंट से अमेरिका पर बार-बार यह आरोप लगाया गया है कि वह ईरान में अस्थिरता को बढ़ावा दे रहा है।

Next Post

देश में अशांति बढ़ने पर रजा पहलवी ने ईरान लौटने का किया वादा

Mon Jan 19 , 2026
तेहरान, 19 जनवरी (वार्ता) ईरान के अंतिम शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी ने कहा है कि इस समय ईरान में ‘कब्जे और आजादी’ को लेकर लड़ाई चल रही है और वह देश के लोगों की भावनाओं को समझते हुए वापस लौटेंगे। श्री पहलवी ने एक वीडियो संदेश में ईरानियों […]

You May Like