चैक बाउंस के आरोपी को कारावास व जुर्माना

जबलपुर: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी गौरव गर्ग की अदालत ने मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक से लिए गए ऋण की अदायगी न करने पर ऋणी अभियुक्त आर्यन अजीतवार निवासी ओसवाल होम्स के विरुद्ध चेक बाउंस का दोषी करार दिया गया है। अदालत ने आरोपी को एक साल की सजा व एक माह के भीतर 10 लाख 40 हजार 750 रुपये का जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है। ऐसा न किए जाने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतान होगा।

बैंक के लीगल मैनेजर वर्धमान शर्मा ने तर्क दिया कि अभियुक्त ने परिवादी बैंक से रेडीमेड शर्ट निर्माण हेतु एवं नगद साख सीमा हेतु ऋण लिया गया था। बैंक द्वारा बकाया राशि की मांग किए जाने पर अभियुक्त द्वारा चैक बैंक को प्रदान किया गया जो अनादरित हो गया। इस प्रकरण में बैंक की शाखा ग्वारीघाट द्वारा बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक जुगल किशोर पंवार के आदेश पर एवं वरिष्ठ प्रबंधक सुधीर राजपूत व कुनाल रंजन के निर्देशन में पराक्रम्य लिखित अधिनियम की धारा-138 के तहत् विधिक कार्यवाही कर केस दायर किया गया। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने आरोपी आर्यन अजीवार को उक्त सजा सुनाई। मामले में बैंक की ओर से अधिवक्ता राजेश पंजवानी ने पैरवी की।

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