
बैतूल। मुलताई क्षेत्र के खेतों में संदिग्ध वन्यप्राणी के पगमार्क मिलने से किसानों में दहशत फैल गई।
रविवार को क्षेत्र के खेतों की गीली मिट्टी में बड़े और छोटे पगमार्क नजर आए, जिन्हें ग्रामीण तेंदुए या बाघ के होने की आशंका जता रहे हैं। हालांकि अब तक किसी ने वन्यप्राणी को प्रत्यक्ष नहीं देखा है।
सूचना मिलने पर वन विभाग के एसडीओ संजय सालवे, मुलताई रेंजर नितिन पवार और उनकी टीम मौके पर पहुंची।
रेंजर श्री पवार ने बताया कि मिट्टी गीली होने के कारण पगमार्क साफ दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अलग-अलग आकार होने से अभी यह तय नहीं हो पाया है कि ये किस वन्यप्राणी के हैं। दक्षिण वन मंडल की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही है।
एहतियात के तौर पर बिरूल बाजार, सांडिया, धाबला, सावलमेंढा सहित आसपास के एक दर्जन गांवों में रविवार और सोमवार को मुनादी कराई गई है। ग्रामीणों को रात में खेतों की ओर न जाने, जरूरी होने पर समूह में निकलने, रात में आग जलाकर रखने और मवेशियों को खुले में न बांधने की सलाह दी गई है। महाराष्ट्र के अमरावती जिले से लगा मेलघाट टाइगर प्रोजेक्ट इस क्षेत्र के समीप होने के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
