
उज्जैन। लगातार हो रहे सडक़ हादसों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरटीओ द्वारा सख्त रुख अपनाया गया है। पिछले तीन दिनों से आरटीओ संतोष मालवीय के नेतृत्व में यात्री बसों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रही बसों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। लगातार चल रही कार्रवाई से यात्री बस संचालकों में हडक़ंप मच गया है।
आरटीओ की टीम द्वारा बसों के एंट्री-एग्जिट मार्ग, इमरजेंसी गेट, फायर सेफ्टी उपकरण फिटनेस, परमिट ड्राइवर-कंडक्टर की योग्यता समेत परिवहन विभाग द्वारा तय सभी मानकों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई बसें मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जिस पर चालान, पेनल्टी और बसों की जब्ती की कार्रवाई की गई।
अभियान के तहत अब तक 5 लाख रुपये से अधिक की राशि जुर्माने के रूप में वसूली जा चुकी है। वहीं कई बसों के परमिट भी निरस्त किए गए हैं। स्लीपर कोच बसों की विशेष जांच में अनेक बसें गंभीर खामियों के चलते जब्त की गई हैं। रविवार अवकाश के बावजूद आरटीओ संतोष मालवीय सुबह 6 बजे से देर शाम तक मैदान में डटे रहे। नानाखेड़ा बस स्टैंड पर पार्किंग में खड़ी सभी यात्री बसों की जांच की गई। इमरजेंसी गेट आपात स्थिति में खुल पाते हैं या नहीं, अग्निशमन यंत्र कार्यशील हैं या नहीं, इसका भी परीक्षण किया गया। साथ ही ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर को दुर्घटना के समय क्या करना है, इसकी जानकारी है या नहीं—इसकी भी पड़ताल की गई। उज्जैन में प्रस्तावित महाकुंभ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालु सडक़ मार्ग से उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में यात्री बसों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन कोई भी लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन में चाक-चौबंद व्यवस्थाओं और क्राउड मैनेजमेंट की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा, आईजी उमेश जोगा और आरटीओ संतोष मालवीय के निर्देश पर पुलिस, ट्रैफिक और आरटीओ का संयुक्त अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
आरटीओ का संदेश
आरटीओ संतोष मालवीय ने दो टूक कहा है कि यात्री बसें नियमों के तहत ही संचालित होंगी। नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं इंदौर-उज्जैन बस ऑपरेटरों में इस सख्ती को लेकर चिंता भी देखी जा रही है। लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह नगर है उज्जैन और यहां पर यात्रियों को सुविधा देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। साथ ही महाकुंभ की तैयारी हो रही है। ऐसे में लगातार जो शिकायत आ रही है कि इंदौर उज्जैन से लगाकर देवास उज्जैन और आगर, शाजापुर उज्जैन के बीच में नियम कायदों को ताक पर रखकर यात्री बसें दौड़ाई जा रही है स्पीड बहुत अधिक होती है। हादसे लगातार हो रहे हैं यही कारण है कि उज्जैन आरटीओ संतोष मालवीय लगातार मुहिम चलाकर कार्रवाई कर रहे हैं। विदित हो कि पूर्व में अंध गति से दौड़ रही बसों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
