मध्य क्षेत्र की डायरी
दिलीप झा
मध्य प्रदेश सरकार को हादसे रोकने के लिए कारगर कानून लेकर आना चाहिए। पूरे प्रदेश में हर दूसरे और तीसरे दिन बड़े बड़े हादसों में दर्जनों लोगों की जान जा रही है। लोगों के परिवार उजड़ रहे हैं। किसी का बेटा सड़क हादसे का शिकार हो रहा है तो महिलाएं विधवा हो रही हैं। परिवार अनाथ हो रहा है। ऐसे हालात पर कैसे काबू पाया जा सकता है इस पर सरकार को योजनाबद्ध तरीके से काम करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले वाहनों की रफ्तार को धीमा करना अत्यंत जरूरी है। भोपाल में सड़कों पर देर रात कार की रफ्तार विचलित करने वाली होती है। हादसे के पीछे का कारण है नशा। वाहन चालकों की कोई चेकिंग नहीं होती है और वे बेखौफ होकर वाहनों से लोगों को कुचल रहे हैं।
राजधानी की सड़कों पर इन दिनों यातायात के नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन हो रहा है। आरटीओ के कड़े प्रतिबंध के बावजूद 100 प्रतिशत काली फिल्म लगी कारें बेखौफ दौड़ रही हैं। हैरानी की बात है कि वीआईपी क्षेत्रों से लेकर मुख्य चौराहों तक ऐसे वाहनों की आवाजाही बनी हुई है लेकिन आरटीओ और यातायात पुलिस की ओर से इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती है।पैदल चलने वालों को भी बख्शा नहीं जा रहा तो सिस्टम और सरकार पर सवाल उठना लाजिमी है। पूरे प्रदेश में ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप वैन के चालक अनियंत्रित हैं। शहर की परिधि में तो वाहनों की गति सीमा पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। जबकि अन्य राज्यों में इनकी गति सीमा पर नियंत्रण है तो मध्य प्रदेश में क्यों नहीं हो सकता है। पब्लिक की जान की सुरक्षा सरकार का दायित्व है तो इसका निर्वहन भी होना चाहिए।
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अपनों ने घेरा : गोमांस पर पूर्ण प्रतिबंध कब
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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अबतक 24 लोगों की मौत का मामला अभी थमा नहीं है। पूरे प्रदेश में दूषित जल को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है और वे सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। दूषित पानी को लेकर पूरे प्रदेश के नगर निगम और नगरपालिका दोनों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। दरअसल यहां मनमानी और धक्केशाही चरम पर है। ये आधुनिक और पारदर्शी तरीके से इन संस्थानों को चलाना ही नहीं चाहते हैं। लोगों का कहना है कि शिकायत पर जल्दी सुनवाई करने में निगम की रुचि नहीं है। इस बीच भोपाल के स्लॉटर हाउस में गोमांस की विक्री को लेकर पूरे प्रदेश के लोगों में आक्रोश है। हालांकि यहां गोमांस की बिक्री दशकों से हो रही है। किसी सरकार ने गोमांस की बिक्री रोकने की जहमत नहीं उठाई। वहीं, कांग्रेस इस मसले पर भोपाल की महापौर मालती राय को हटाने संभागायुक्त को पत्र लिखकर हटाने की मांग करने जा रही है। मालती राय अब अपनों से भी घिरने लगी है। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने मालती राय और निगमायुक्त संस्कृति जैन पर यह कहकर हमला बोला है कि स्लॉटर हाउस के संचालक के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं किया गया, यह एक गंभीर सवाल है। वहीं,इस मसले को लेकर भोपाल हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन कर सरकार को चेताया कि गो वंश की हत्या रोकने के लिए कड़ा कानून बनाए जाएं।
क़ातिल चाइनीज मांझा
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केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार को यथाशीघ्र चाइनीज मांझा पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने का आदेश देना चाहिए। क्योंकि इस डोर की वजह से मध्यप्रदेश समेत पूरे देशभर में पिछले कुछ दिनों में ही दर्जनों लोगों की जान गई और हम बेबस होकर सिर्फ देखते रहे।
