इंदौर: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का संकेत दिया है. उन्होंने घोषणा की है कि वे इस वर्ष दीपावली से लेकर अगले वर्ष तक पूरे मध्यप्रदेश का व्यापक दौरा करेंगे, जिसका उद्देश्य कांग्रेस संगठन को नए सिरे से खड़ा करना होगा.इंदौर में शुक्रवार रात चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह ने स्वीकार किया कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में गंभीर कमज़ोरियाँ हैं और इन्हें दूर किए बिना जनता का भरोसा दोबारा नहीं जीता जा सकता.
उन्होंने साफ़ कहा कि कांग्रेस को आमूल-चूल संगठनात्मक परिवर्तन की आवश्यकता है. इससे पहले दिन में इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में हुए दूषित जल कांड को लेकर दिग्विजय सिंह ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने इस पूरे प्रकरण के लिए भाजपा नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और तंत्र के कथित गठजोड़ को ज़िम्मेदार ठहराया. इस सवाल पर कि यदि वे मुख्यमंत्री होते तो क्या कार्रवाई करते, दिग्विजय सिंह ने कहा- ‘मैं ऐसे किसी प्रकरण को होने ही नहीं देता.’उन्होंने पूरे मामले को जन अदालत और पब्लिक फोरम में लाने की मांग की, ताकि सभी साक्ष्य सार्वजनिक हो सकें. दिग्विजय सिंह ने आशंका जताई कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो इस मामले को भी रफा-दफा कर दिया जाएगा.राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जनता भाजपा से परेशान है, लेकिन कांग्रेस का संगठन मज़बूत न होने के कारण पार्टी उस नाराज़गी को अपने पक्ष में नहीं बदल पा रही है. उन्होंने एक बार फिर संगठन सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के संगठन की सराहना की और कहा कि मज़बूत संगठन के कारण भाजपा के लिए वहां सत्ता में आना आसान नहीं है.राज्यसभा में तीसरी बार न जाने के अपने फैसले पर दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पहले ही तय हो चुका था कि कोई भी नेता तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान मध्यप्रदेश पर केंद्रित रहेगा.अपने आगामी दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि उम्र को देखते हुए यह यात्रा पैदल नहीं, बल्कि वाहन से की जाएगी, लेकिन इसकी व्यापकता और राजनीतिक उद्देश्य में कोई कमी नहीं होगी
