सतना: पुलिस ने कुख्यात तस्कर अनूप जायसवाल उर्फ जस्सा के सेफ जोन पर प्रहार किया है। उसी का नतीजा है कि अब तक की सबसे बड़ी नशे की खेप पुलिस के हाथ लगी है। एसडीओपी रघु केसरी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाही में दो स्थानीय सप्लायर और अपने घर में नशीला कफ सिरप रखने की जगह देने वाली महिला गिरफ्तार हुई है। करोड़ों का यह अवैध कारोबार करने वाला जस्सा और उसके हार्ड कोर मेंबर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस इस बात को स्वीकार कर रही है कि जस्सा ने ही इतनी बड़ी मात्रा में अपने प्रभाव के चलते कफ सिरप को गरीब महिला के घर में छिपाया था। पुलिस को शक है कि इलाके में कई और स्थानों पर इसी तरह की खेप हो सकती है, जिसकी तलाश चल रही है।
यह हैं गिरफ्तार आरोपी
ुपुलिस ने कफ सिरप की पेटियों को जब्त कर आरोपी मनीष यादव पिता मानिकलाल यादव (31) निवासी भुरुहुरा थाना उचेहरा, शैलेन्द्र उर्फ टिंकू गुप्ता पिता विमलेश गुप्ता (35) निवासी भुरुहुरा, चौरसिया बाई साकेत पत्नी कैरा साकेत (65) निवासी मडफ़ई थाना उचेहरा को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि जिस घर से कफ सिरप मिली वह चौरसिया बाई का है और मनीष व शैलेन्द्र स्थानीय सप्लायर हैं। तीनों के कब्जे से 120 पेटी नशीली कफ सिरप, दो मोबाईल और 2000 रुपए नकद मिले हैं। कफ सिरप की कीमत 28 लाख रुपए से ज्यादा आंकी गई है।
इनकी रही अहम भूमिका
एसडीओपी नागौद रघु केसरी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाही में निरीक्षक सतीष मिश्रा, एसआई रामअवतार पटेल, एएसआई संतोष सिंह धुर्वे, देवनारायण उपाध्याय, प्रधान आरक्षक मिथिलेश मिश्रा, भूपेन्द्र सिंह, रामकरण प्रजापति, संजय त्रिपाठी, आरक्षक वीर बहादुर सिंह, संतोष वर्मा, कौशल गुर्जर, अरविन्द शुक्ला, नरेन्द्र पटेल, सम्मर भलावी, रत्नेश रावत, विनोद रावत, गणेश विश्वकर्मा, शिवानी मेहरा, रंजना बहेलिया, प्रधान आरक्षक चालक छोटेलाल, संदीप व नायक अतेन्द्र त्रिपाठी की अहम भूमिका रही।
