
सीहोर। भोपाल-इंदौर मार्ग पर स्थित फंदा टोल प्लाजा पर बीती रात ड्यूटी के दौरान एक कर्मचारी की ट्रक के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव को टोल प्लाजा पर रखते हुए चक्काजाम कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप और टोल प्रबंधन द्वारा मुआवजे का लिखित आश्वासन के देने के बाद मामला शांत हुआ.
जानकारी के अनुसार फंदा टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारी विजय सिंह मेवाड़ा पिता अमर सिंह मेवाड़ा की बीती रात कार्यस्थल पर एक दुर्घटना के दौरान मृत्यु हो गई थी. विजय अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे, जिन पर उनकी वृद्ध माता, पत्नी और तीन छोटी बेटियों (नंदनी 15 वर्ष, आरुषि 12 वर्ष और काव्या 5 वर्ष) की जिम्मेदारी थी. इस घटना के बाद परिजन शोक में डूब गए थे. शुक्रवार को जब विजय सिंह मेवाड़ा का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजन व ग्राम के युवक ला रहे थे तभी मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर ग्रामीण टोल पर ही धरने पर बैठ गए. इस दौरान आक्रोशित ग्रामीण युवाओं की भीड़ जमकर नारेबाजी कर रही थी तो मृतक के परिजन विलाप कर रहे थे. इस दौरान वहां वाहनों की लंबी कतारें लगने लगी थीं. जिसे देखते हुए पुलिस द्वारा जाम में फंसे वाहनों को दूसरी लेन से निकालना पड़ा. इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात था.
पुलिस को करना पड़ी काफी मशक्कत
शव के साथ ग्रामीणों द्वारा टोल प्लाजा पर चक्काजाम किए जाने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा. धरना दे रहे ग्रामीणों की मांग थी कि पीडि़त परिवार को आर्थिक सुरक्षा और बच्चों के भविष्य के लिए ठोस सहायता दी जाए. काफी देर तक चली गहमागहमी और पुलिस की भारी मशक्कत के बाद टोल प्रबंधक और कॉरिडोर मैनेजर ने परिजनों से चर्चा की और मुआवजे की शर्तों पर सहमति बनी. तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया और वह शव का अंतिम संस्कार करने के लिए गांव रवाना हो गए.
टोल प्लाजा प्रबंधन ने सहायता राशि का दिया आश्वासन
कॉरिडोर मैनेजर राजीव मिश्रा ने लिखित रूप में आश्वासन दिया कि कंपनी और सरकारी नियमों के तहत पीडि़त परिवार को लाभ दिए जाएंगे, जिसमें तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में कंपनी की ओर से कुल 7 लाख रुपए दिए जाएंगे, जिसमें से 1 लाख रुपए तत्काल दिए गए और शेष 6 लाख रुपए आगामी बुधवार तक बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे. ईपीएफओ और ईएसआईसी का पूरा पैसा परिवार को मिलेगा. साथ ही विजय की पत्नी और बच्चों को लाइफ टाइम ईएसआईसी और पेंशन की सुविधा मिलेगी.ग्रुप इंश्योरेंस, एक्सीडेंट पॉलिसी और ईपीएफओ बीमा का पूरा क्लेम परिवार को दिलाने का वादा किया गया है. 18 साल की उम्र तक दो बच्चों को पेंशन की सुविधा भी निरंतर मिलती रहेगी, जिससे उनकी पढ़ाई निरंतर जारी रह सकेगी.
10-10 लाख रुपए की हो एफडी
परिजनों ने प्रबंधन को सौंपे गए आवेदन में मांग की थी कि तीनों बेटियों के नाम 10-10 लाख रुपए की एफडी की जाए और वृद्ध माता को भी आर्थिक संबल दिया जाए. प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि वे कंपनी की ओर से अधिकतम संभव सहयोग करेंगे ताकि मृतक की निष्ठापूर्ण सेवाओं का सम्मान हो सके और परिवार का भविष्य सुरक्षित रहे.
