नयी दिल्ली, 16 जनवरी (वार्ता) ब्रिटेन के ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ के अध्यक्ष सर लिंडसे होयल ने कहा है कि पूरी दुनिया में जगह-जगह टकराव देखने को मिल रहे हैं लेकिन राष्ट्रमंडल के सदस्य देश शांतिप्रिय हैं और वे बम की भाषा नहीं समझते।
सर लिंडसे होयल ने शुक्रवार को यहां संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन में राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) के समापन सत्र में 29वें सम्मेलन की अध्यक्षता स्वीकार करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में अनेक देश लड़ते झगड़ते रहते हैं लेकिन राष्ट्रमंडल देश शांतिप्रिय हैं और इस समूह के लोग बम की भाषा नहीं जानते हैं।
उन्होंने भारत की अध्यक्षता में सम्मेलन की मजबूती के लिए हुए कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि हम सब लोकतांत्रिक देश हैं और हमें एक दूसरे के लिए मिसाल बनना चाहिए। उनका कहना था कि सदस्यों देशों को लोकतंत्र को मजबूत करने के अपने अनुभवों, ज्ञान और चुनौतियों को साझा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल देशों को लोकतंत्र को और मजबूत बनाने के लिए जनआकांक्षाओं पर खरा उतरने के निरंतर काम करने होंगे।
गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 28वें राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन के समापन समारोह के दौरान 29वें सम्मेलन की अध्यक्षता सर लिंडसे होयल को सौंपी । सर लिंडसे चार दशक से अधिक समय से हाउस ऑफ कॉमंस के सदस्य हैं।
