दिल्ली के पतंगोत्सव को इस तरह के उत्सवों का केन्द्र बनाने के लिए समिति गठित करें : शाह

नयी दिल्ली 16 जनवरी (वार्ता) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को यहां अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव में हिस्सा लिया और कहा कि पतंगोत्सव को दिल्ली और समूचे देश में विस्तार देने तथा दिल्ली के पतंगोत्सव को इसका केन्द्र बनाने के लिए एक समिति गठित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समिति इसे लोकप्रिय बनाने और इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के पहलुओं पर काम करेगी। इस अवसर पर दिल्ली के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। श्री शाह ने देशभर के सभी लोगों, विशेष रूप से किसानों, को मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू और उत्तरायण की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तरायण का पर्व पूरे देश में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। उन्होंने कहा, ” यह पर्व इसलिए खुशी का पर्व है क्योंकि हमारा ऋतु चक्र और हमारा जीवन असीम ऊर्जा के स्रोत भगवान सूर्यनारायण पर निर्भर होता है। महाकवि कालिदास जी ने भारतवासियों के लिए कहा था – ‘उत्सवप्रियाः खलु मनुष्याः’, यानी भारत के लोग उत्सवप्रिय होते हैं। हर ऋतु में देश के अलग-अलग हिस्सों में उत्सवों का आयोजन किया जाता है। हम उत्सवों के माध्यम से पूरे समाज को एकजुट करके आगे बढ़ने की सोच रखते हैं, और उत्तरायण उसी का एक हिस्सा है।”

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पतंगोत्सव को सतत प्रयासों से और अधिक लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पतंगोत्सव देश की जनता को दिल्ली से जोड़ेगा और आगे चलकर यह पूरे देश का उत्सव बन सकता है। उन्होंने कहा कि पतंगोत्सव को दिल्ली और समूचे देश में विस्तार देने तथा दिल्ली के पतंगोत्सव को इसका केन्द्र बनाने के लिए एक समिति गठित करनी चाहिए, जो इसे लोकप्रिय बनाने और इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के पहलुओं पर काम करे। उन्होंने कहा कि अगला पतंगोत्सव ऐसा हो जिससे इस उत्सव का स्थान देश और दुनिया के प्रमुख पतंगोत्सवों में अग्रणी स्थानों में शामिल हो।

श्री शाह ने कहा कि दिल्ली में देश के अलग-अलग किस्मों के बांस से सुसज्जित सुंदर प्राकृतिक स्थान बाँसेरा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह उद्यान इस बात का परिचायक है कि यदि कोई व्यक्ति अपने संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए निश्चय करे तो कैसे शानदार परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बांसेरा उद्यान का उपयोग बढ़ाने के लिए तथा दिल्ली के लोगों को इसकी ओर आकर्षित करने के लिए दिल्ली सरकार को यहाँ अच्छे आयोजन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यहां तीन पवेलियन हैं, जिनमें पतंगों का इतिहास और पतंगों का युद्धकालीन उपयोग भी प्रदर्शित किया गया है। जब साइमन कमीशन देश में आया था, तब उसका देश में जोरदार विरोध हुआ था। ‘साइमन वापस जाओ’ का नारा आजादी के आंदोलन का प्रतिघोष बन गया था। साइमन कमीशन का विरोध उत्तरायण के दिन ‘साइमन वापस जाओ’ लिखे पतंग उड़ाकर भी किया गया था। भारतीयों ने पतंगों से पूरा आकाश भर दिया था और अंग्रेजों को अपनी ताकत का परिचय दिया था।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति का उत्सव एक भारत, श्रेष्ठ भारत का प्रत्यक्ष उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि सूर्य भगवान अपनी दिशा बदल रहे हैं और इसका स्वागत पूरे जगत में होता है। पंजाब और हरियाणा में हम इसे लोहड़ी के रूप में मनाते हैं, तमिलनाडु में पोंगल के रूप में, असम में माघ बिहू के रूप में, पश्चिम बंगाल में पौष संक्रांति के रूप में, गुजरात और महाराष्ट्र में उत्तरायण के रूप में तथा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में खिचड़ी या संक्रांति खिचड़ी के नाम से मनाने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि यह पतंगोत्सव इन सभी राज्यों को दिल्ली से जोड़ने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पतंगोत्सव दिल्ली में अपना एक विशेष स्थान बनाएगा और पूरे देश के पतंगबाजों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों को भी यहाँ आकर अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा।

 

 

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