धर्मशाला, (वार्ता) हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार और आयोग के सदस्यों ने गुरुवार को धर्मशाला के राजकीय कॉलेज में कथित तौर पर रैंगिग का शिकार बन कर जीवन गंवाने वाली दलित छात्रा पल्लवी के माता-पिता से मुलाकात की।
बेहद होनहार छात्रा पल्लवी की गत 26 दिसंबर को लुधियाना के एक अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत सहपाठियों की गई रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न के कारण हुई है। इस मामले में तीन वरिष्ठ छात्राओं पर शारीरिक हमले, डराने-धमकाने और जातिगत दुर्व्यवहार के आरोप हैं, जबकि एक सहायक प्रोफेसर पर यौन दुराचार का आरोप लगाया गया है।
आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने सिद्धबाड़ी में पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आयोग इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि सभी तथ्य सामने आ सकें।
19 वर्षीय पल्लवी धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में पढ़ती थी। परिवार और अधिवक्ताओं का आरोप है कि उसकी मृत्यु कॉलेज और पुलिस अधिकारियों की संस्थागत विफलताओं, क्रूर रैगिंग और यौन उत्पीड़न से हुए गहरे आघात के कारण हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भी इस मामले की जांच के लिए एक तथ्य-खोज समिति का गठन किया है। आयोग के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे मामले की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
