
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने वर्ग-2 कर्मचारी के दिवंगत होने के बाद उसकी विधवा से सेवानिवृत्त देयकों के माध्यम से रिकवरी को अनुचित करार दिया। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा कि यदि सेवानिवृत्त देयकों से कोई राशि की वसूली की गई है तो वो याचिकाकर्ता को वापस की जाए।
नरसिंहपुर निवासी शांति पटेल की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा व शिवम शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा यह कहते हुए रिकवरी नोटिस जारी किया गया कि याचिकाकर्ता के पति को 2008 से 2017 के बीच अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया था। चूंकि कर्मचारी ने यह अंडर टेकिंग दी थी कि अधिक भुगतान पर रिकवरी की उससे वसूली की जा सकती है। आवेदकों की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता के पति की मृत्यु अप्रैल 2021 में हुई थी। वसूली की राशि सेवानिवृत्त देयकों से की जा रही है, ऐसे में याचिकाकर्ता को बहुत मुश्किल होगी। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने रिकवरी आदेश को रद्द करते हुए उक्त निर्देश दिये।
