नई दिल्ली | 15 जनवरी, 2026: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती सैन्य तनातनी के कारण ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) सभी वाणिज्यिक उड़ानों के लिए अचानक बंद कर दिया है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पूरी तरह चरमरा गया है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख भारतीय एयरलाइनों ने यात्रियों के लिए आपातकालीन एडवायजरी जारी की है। सुरक्षा कारणों से यूरोप और खाड़ी देशों की ओर जाने वाली उड़ानों को अब लंबे वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को 2 से 4 घंटे की अतिरिक्त देरी का सामना करना पड़ सकता है।
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि जिन लंबी दूरी की उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्ग संभव नहीं हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की ताजा स्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर जरूर जांच लें। दूसरी ओर, इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों के लिए ‘फ्लेक्सिबल रीबुकिंग’ और रिफंड के विकल्प पेश किए हैं। एयरलाइनों का कहना है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी पहली प्राथमिकता है, भले ही इसके लिए ऑपरेशनल खर्च में भारी बढ़ोतरी हो जाए।
ईरान ने स्थानीय सुरक्षा स्थितियों और अमेरिकी हस्तक्षेप की धमकियों का हवाला देते हुए यह कड़ा प्रतिबंध लागू किया है। रॉयटर्स के अनुसार, यह पाबंदी फिलहाल अस्थायी है लेकिन तनाव को देखते हुए इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। अमेरिका द्वारा मध्य पूर्व के सैन्य ठिकानों से कर्मियों को हटाए जाने की खबरों के बाद युद्ध की आशंका और प्रबल हो गई है। विमानन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हवाई क्षेत्र बंद होने और ईंधन की बढ़ती खपत के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।

