
भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) कार्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। इस दौरान उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के समयबद्ध, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रगति मंच के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जिससे लंबित मामलों की नियमित समीक्षा संभव होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से विकास कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा सकती है और समय पर निर्णय लेकर बाधाओं का समाधान किया जा सकता है।
प्रस्तुतिकरण में विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने, तकनीक के अधिकतम उपयोग और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रगति के माध्यम से चिन्हित मुद्दों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक तेजी से पहुंचे।
