कोयला सिंडिकेट में बड़ा घोटाला! CBI की छापेमारी में जी-13 की आड़ में महंगे जी-10 ग्रेड कोयले के अवैध उठाव के खेल का सनसनीखेज पर्दाफाश

नई दिल्ली | 14 जनवरी, 2026: देश के कोयला सेक्टर में एक संगठित भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है, जहाँ सीबीआई (CBI) की ताबड़तोड़ छापेमारी ने कोयला सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। जांच में सामने आया कि कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन (KPCL) और मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को वेस्टर्न कोलफील्ड्स की खदानों से सस्ता जी-13 ग्रेड कोयला उठाने का टेंडर मिला था। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर कागजों में हेराफेरी की गई और करीब 2400 रुपये प्रति टन वाले कोयले की जगह 8000 रुपये प्रति टन वाला कीमती जी-10 स्टीम कोयला निकाला जा रहा था।

सीबीआई ने वणी की निलजई खदान और घुगूस की महामाया कोल वाशरी समेत बंदना ट्रांसपोर्ट से जुड़े कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया और KPCL ने तुरंत कदम उठाते हुए वेस्टर्न कोलफील्ड्स को पत्र लिखकर सभी नए डिलीवरी ऑर्डर पर रोक लगा दी। चौंकाने वाली बात यह है कि यह घोटाला तब उजागर हुआ जब विभाग पहले ही रायचूर थर्मल पावर स्टेशन के लिए करीब 23.75 करोड़ रुपये की भारी-भरकम अग्रिम राशि जमा कर चुका था।

सीबीआई ने एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला क्षेत्र के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने विभाग के भीतर सक्रिय भ्रष्टाचार के जाले और सतर्कता तंत्र की विफलता को उजागर कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह लंबे समय से चल रही गोपनीय जांच का नतीजा है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि ऊर्जा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता और मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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