नई दिल्ली | 14 जनवरी, 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया कार्यालय (PMO) अब पूरी तरह बनकर तैयार है और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। रायसीना हिल के नीचे विजय चौक के पास विकसित किए गए इस नए परिसर को ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया गया है। सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत निर्मित इस अत्याधुनिक परिसर में तीन मुख्य इमारतें हैं, जहाँ प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय भी मौजूद रहेंगे। संभावना जताई जा रही है कि इसी महीने प्रधानमंत्री अपने नए दफ्तर में कार्यभार संभाल लेंगे, जिससे देश के प्रशासनिक कामकाज को एक नई गति मिलेगी।
पूर्व में ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के नाम से जाने जाने वाले इस परिसर का नाम दिसंबर में बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ किया गया था। इस परिसर की इमारतों को सेवा तीर्थ 1, 2 और 3 के रूप में वर्गीकृत किया गया है। सेवा तीर्थ 1 में प्रधानमंत्री का मुख्य कार्यालय होगा, जबकि सेवा तीर्थ 3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का दफ्तर रहेगा। यहाँ गणमान्य अतिथियों से मुलाकात के लिए विशेष कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें भारतीय संस्कृति और 5,000 साल पुरानी विरासत की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। परिसर में अधिकारियों के लिए आधुनिक ‘ओपन फ्लोर’ व्यवस्था की गई है ताकि कार्यसंस्कृति में पारदर्शिता आए।
प्रधानमंत्री कार्यालय के शिफ्ट होने के बाद, अंग्रेजों के जमाने से सत्ता का केंद्र रहे साउथ ब्लॉक को अब एक नई पहचान मिलेगी। नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युग-युगीन भारत संग्रहालय’ में बदला जाएगा, जो दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय होगा। यहाँ भारत की प्राचीन सभ्यता और गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, सेवा तीर्थ के निकट ही नए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, जिसके पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री का निवास वर्तमान पते 7 लोक कल्याण मार्ग से नए परिसर में स्थानांतरित हो जाएगा।

