जबलपुर: खाद की कालाबाजारी करने के मामले में दो कृषि केंद्र संचालकों के खिलाफ मझगवां-बरगी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। न्यू गोस्वामी कृषि केंद्र संचालक शर्तों का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत स्रोतों से उर्वरक प्राप्त कर व्यापार कर रहा था जबकि जानकी कृषि केंद्र संचालक किसानों को शासकीय मूल्य से अधिक दर पर खाद बेच रहा था।
विदित हो कि उर्वरकों की अवैध बिक्री और अधिक दर पर खाद बेचने की शिकायतों पर किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारियों ने गत दिनों मझगवां सिहोरा स्थित मेसर्स न्यू गोस्वामी कृषि केंद्र में छापेमारी की थी। प्रतिष्ठान के संचालक राकेश गोस्वामी द्वारा लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत स्रोतों से उर्वरक प्राप्त कर व्यापार करना पाया गया था।
इसी प्रकार कालादेही बरगी स्थित जानकी कृषि केंद्र में छापेमारी के दौरान संचालक बलिराम चौकसे द्वारा किसानों को शासकीय मूल्य से अधिक दर पर खाद बेची जा रही थी। इस केंद्र पर मूल्य सूची भी प्रदर्शित नहीं थी। जानकी कृषि केंद्र पर किसानों से मनमाना दाम वसूला जा रहा था।उप-संचालक कृषि ने बताया कि दोनों प्रतिष्ठिनों के संचालकों के खिलाफ शनिवार को क्रमश: बरगी और मझगवां थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मनमाने दामों पर किसानों से की थी वसूली
किसान कृष्ण कुमार चढ़ार ने बताया कि 10 बोरी डीएपी 1600 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से कुल 16 हजार रुपये में खरीदी, जिसका भुगतान ऑनलाइन किया गया था। किसान प्रेम चंद कुर्मी ने बताया कि उनके पुत्र राज कुर्मी के नाम पर खाद का टोकन बुक था, लेकिन केंद्र संचालक ने निर्धारित मूल्य के बजाय प्रति बैग 1600 रुपये की मांग की।
