जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस बीपी शर्मा की एकलपीठ ने अपने एक अहम आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध अदालत में कोई प्रकरण लंबित है, तो महज इस आधार पर उसके पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए संबंधित न्यायालय से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेना अनिवार्य नहीं है।यह मामला याचिकाकर्ता जिनेंद्र जैन की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से कहा गया कि पासपोर्ट अधिनियम व संबंधित नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो प्रत्येक लंबित प्रकरण में न्यायालय से एनओसी प्राप्त करना आवश्यक बनाता हो।
जिस पर पासपोर्ट प्राधिकरण द्वारा पासपोर्ट नवीनीकरण से इंकार नहीं किया जा सकता। दरअसल, इसीलिए रीजनल पासपोर्ट आफिस भोपाल द्वारा आवेदन दरकिनार किए जाने की सूरत में याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट आना पड़ा। उसके विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण लंबित होने के आधार पर कोर्ट की एनओसी मांगी जा रही थी। न्यायालय ने आवेदक की ओर से दिये गये तर्को से सहमत होकर याचिकाकर्ता के हक में राहतकारी आदेश दिया।
