जबलपुर: पाटन तहसील अंतर्गत सेवा सहकारी समिति आरछा के धान खरीदी केंद्र पर अनियमितताओं के गंभीर मामले सामने आए हैं। समिति में किसानों द्वारा 35 से 36 किलो के बीच धान की तौल किए जाने की स्थिति देखी गई, जबकि नियमानुसार 40 किलो 600 ग्राम की तौल होती है, जिससे खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार दोपहर खरीदी केंद्र पर यह नजारा देखने को मिला कि एक किसान जिसका नाम कमला पटेल बताया जा रहा है, वह स्वयं ही पल्लेदारों के माध्यम से धान की तुलाई करवा रहा था।
मौके पर जब कांटे पर बोरियों की दोबारा तौल कराई गई तो सभी बोरियों का वजन 35 से 36 किलो तक ही मिला। इस पर किसान ने बताया कि उसे बारदाने भी खरीदी केंद्र से ही उपलब्ध कराए गए थे, इसलिए वह यहीं तौल करवा रहा था। कम तौल की सच्चाई सबके सामने आने के बाद आनन- फानन में किसान ने तुरंत अपनी पूरी धान ट्रॉली में वापस भरवाई और केंद्र से लेकर चला गया। गौरतलब है कि इस मामले में मौजूद समिति के सदस्य मूकदर्शक बने रहे और किसान अपनी मनमानी से तौल करता रहा। इस घटना ने खरीदी व्यवस्था की निगरानी और नियमों के पालन पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
समिति और किसान की हो सकती है मिलीभगत
केन्द्र पर किसान अपनी मनमानी से तौल कर रहा था और वहां मौजूद सर्वेयर का कहना है कि उसके द्वारा धान नहीं पास की गई है और मना करने के बाद भी किसान जबरजस्ती धान तुलवा रहे हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि संबंधित व्यक्ति किसान न होकर व्यापारी या बिचौलिया भी हो सकता है। पूरे घटनाक्रम को देखते हुए सेवा सहकारी समिति आरछा की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। बिना सर्वेयर की अनुमति तौल और बारदाने की उपलब्धता इस ओर इशारा करती है कि खरीदी प्रक्रिया में समिति स्तर पर मिलीभगत हो सकती है।
बोरियों की पर्चियों में नहीं थे किसानों के नाम
जानकारी के अनुसार समिति का खरीदी केंद्र पहले समिति परिसर में संचालित हो रहा था, लेकिन श्री वेयरहाउस की क्षमता पूरी हो जाने के बाद अब खरीदी कार्य आगा सौत स्थित मां लक्ष्मी वेयरहाउस में किया जा रहा है। यहां जिन किसानों से धान की खरीदी की जा रही है, उनकी तौल कर बोरियों में सिलाई और पर्ची लगाई जा चुकी है, लेकिन किसी भी बोरी की पर्ची में किसानों के नाम दर्ज नहीं पाए गए।
केंद्र प्रभारी ने झाड़ा पल्ला
इस पूरे मामले पर केंद्र प्रभारी नीरज पटेल ने सफाई देते हुए कहा कि संबंधित धान को उनके द्वारा पास नहीं किया गया था और कम तौल पाए जाने पर किसान अपनी धान वापस लेकर चला गया। हालांकि घटना के समय केंद्र प्रभारी स्वयं केंद्र पर मौजूद नहीं थे, जिससे संदेह और गहरा गया है।
इनका कहना है
सोमवार को भी उक्त केंद्र पर शिकायत आई थी, जिसमें संयुक्त कलेक्टर एवं अन्य अधिकारी पहुंचे थे, जिसमें कुछ बोरी अधिक वजन की मिली थी, जिसको लेकर समिति को आज नोटिस दिए हैं। कम तौल को लेकर भी केंद्र पर जाकर जांच की जाएगी।
मानवेंद्र सिंह, पाटन एसडीएम
