वॉशिंगटन, 04 मार्च (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मध्य पूर्व में जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना तैनात की जाएगी और ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए जहाजरानी कंपनियों को “उचित कीमत पर” जोखिम बीमा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गयी है। दुनिया के तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जो ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच स्थित संकीर्ण समुद्री मार्ग है।
हाल के दिनों में ईरान द्वारा जहाजों को “आग के हवाले करने” की धमकी के बाद इस मार्ग से समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है।
श्री ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी सरकार क्षेत्र में काम कर रही जहाजरानी कंपनियों को “बहुत ही उचित कीमत” पर जोखिम बीमा उपलब्ध कराएगी, ताकि दुनिया में ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि इन आश्वासनों के बावजूद कंपनियों की चिंताएं पूरी तरह दूर होना मुश्किल है।
एक ईरानी अधिकारी ने सोमवार को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी और रिपोर्टों के अनुसार ईरानी सैन्य बलों ने क्षेत्र में कई जहाजों पर गोलीबारी भी की है।
ताजा स्थिति के चलते कुछ बीमा कंपनियों ने क्षेत्र में जहाजों के लिए बीमा प्रीमियम बढ़ा दिए हैं। लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के आंकड़ों के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में लगभग 200 कच्चे तेल और उत्पाद टैंकर फंसे हुए हैं।
श्री ट्रंप ने मंगलवार को बताया कि उनकी ओर से यूनाइटेड स्टेट्स डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएफसी) को निर्देश दिया गया है कि वह खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले समुद्री व्यापार, विशेष रूप से ऊर्जा परिवहन, के लिए राजनीतिक जोखिम बीमा और गारंटी प्रदान करे।
उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जहाजों को अमेरिकी नौसेना की सैन्य सुरक्षा भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।
इस घोषणा के बाद तेल की कीमतों में कुछ गिरावट दर्ज की गयी। यह बयान ऐसे समय आया जब श्री ट्रंप ऊर्जा सचिव क्रिस राइट और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी स्थिति पर चर्चा करने वाले थे।
