
हरपालपुर । घने कोहरे से ट्रेनों की रफ्तार पर अंकुश लगने से ट्रेने रेंगती हुई चल रही है, धुंध के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं, इससे यात्रियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं, हालात यह हैं कि स्टेशनों पर यात्रियों को कड़ाके की ठंड में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे बुरा हाल जनरल डिब्बों का है,जहां भारी भीड़ के चलते पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है, ट्रेनों की लेटलतीफी का सीधा असर जनरल कोच में क्षमता से तीन गुना अधिक यात्री सफर करने को मजबूर हैं, गेट से लेकर टॉयलेट के रास्ते तक यात्रियों की भीड़ देखी जा सकती है कई यात्री ट्रेन छूटने के डर से लेट चल रही ट्रेनों में भी चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे हादसों का डर बना हुआ है,ऐन वक्त पर प्लेटफॉर्म बदलने से यात्री भारी सामान के साथ एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर दौड़ते नजर आए वेटिंग रूम हाउसफुल हैं और लोग खुले आसमान के नीचे ठिठुरने को मजबूर हैं,रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा जरूरी है,इसलिए फॉग डिवाइस के बावजूद ट्रेनों की गति नियंत्रित जा रही है, झांसी – मानिकपुर रुट पर चलने वाली यात्री ट्रेनों का भी यही हाल हैं,कोहरे का असर ट्रेनों के संचालन पर पड़ने से कई ट्रेने 2 घंटे की देरी से चल रही है इससे यात्रियों को सर्दी में ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ रहा है ट्रेन का इंतजार करते बक्त कुछ यात्री नीचे फर्स पर लेटकर ट्रेन का इंतज़ार करते देखे जाते है उल्लेखनीय होगा ग्वालियर टू बनारस एक्सप्रेस व हजरत निजामुद्दीन टू बुंदेलखंड जबलपुर महाकौशल एक्सप्रेस रात्रि 10 व 11 बजे के स्थान पर रात्रि 12 बजे आई मानिकपुर झांसी के बीच चलने वाली झांसी लक्ष्मीबाई वीरांगना मेमू ट्रेन ढेड घंटे की देरी से आ रही है कुंभ मेला स्पेशल अपने निर्धारित समय से दो से तीन घंटे की देरी से चल रही है,शाम 4 बजे आने वाली – उदयपुर – खजुराहों इंटरसिटी एक्सप्रेस ढेड घटे की देरी से आईं ट्रेन के लेट लतीफे के कारण यात्रियों को सर्दी में ठिठुरने को मजबूर होना पड़ता है स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा निःशुल्क प्रदाय किए जाने वाले कम्बल एव गर्म कपड़े व प्लेटफार्म के पास अलाव की व्यवस्था न होने से ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को ठंडी के मौसम में फर्स पर लेटकर रात गुजारनी पड़ रहीं है ।
