ईडी ने धन शोधन जांच में बाधा डालने वाले जालसाज को किया गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही एक महत्वपूर्ण जांच में हस्तक्षेप और बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करने के आरोप में सोमवार को कल्याण बनर्जी नामक एक जालसाज को गिरफ्तार किया ।

आरोपी बनर्जी को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 23 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। ईडी के अनुसार, यह मामला नोहेरा शेख और अन्य के खिलाफ दर्ज विभिन्न प्राथमिकियों पर आधारित है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि नोहेरा शेख और उसके सहयोगियों ने सालाना 36 प्रतिशत से अधिक रिटर्न का लालच देकर जनता से 5,978 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाया था। निवेशकों को न तो मुनाफा मिला और न ही उनकी मूल राशि वापस की गयी, जिससे हजारों लोग ठगी का शिकार हुए।

जांच में पाया गया कि नोहेरा शेख ने अपराध से हुई कमाई का उपयोग अपने, अपनी कंपनियों और रिश्तेदारों के नाम पर विभिन्न अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया था। इस मामले में ईडी अब तक लगभग 428 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है और इस संबंध में विशेष अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं।

ईडी ने पीड़ितों को राहत देने के उद्देश्य से कुर्क की गयी संपत्तियों की नीलामी के लिए उच्चतम न्यायालय में आवेदन किया था। उच्चतम न्यायालय की मंजूरी के बाद, मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन (एमएसटीसी) के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया शुरू की गयी, हालांकि नोहेरा ने बार-बार इस प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया। हाल ही में पांच जनवरी को होने वाली नीलामी के खिलाफ तेलंगाना उच्च न्यायालय में दायर उसकी याचिका को न्यायालय ने न सिर्फ खारिज कर दिया, बल्कि आरोपियों पर पांच करोड़ रुपये का अनुकरणीय जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने यह राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करने का निर्देश दिया है।

नोहेरा ने कानूनी मोर्चे पर नाकामी हाथ लगने के बाद कथित तौर पर कल्याण बनर्जी को मासिक वेतन के आधार पर काम पर रखा। बनर्जी ने खुद को वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनेताओं का करीबी बताकर ईडी अधिकारियों को संदेश भेजने और कॉल करने शुरू कर दिए। उसने पहले अधिकारियों को नीलामी प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए लुभाने की कोशिश की, और विफल रहने पर उन्हें धमकाना और दबाव बनाना शुरू कर दिया।

ईडी ने खुफिया जानकारी के आधार पर 10 जनवरी 2026 को सिकंदराबाद में बनर्जी के ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में उसके मोबाइल फोन से नोहेरा और उसके सहयोगियों के साथ आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट बरामद हुई। इन चैट्स से पता चला कि वह अनैतिक तरीकों से जांच और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।

पीएमएलए के तहत दर्ज अपने बयान में बनर्जी ने स्वीकार किया है कि उसने अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए अपना प्रभाव होने का नाटक किया था और वह नोहेरा के इशारे पर काम कर रहा था। ईडी मामले की आगे की जांच कर रही है।

 

Next Post

टीकमगढ़ में खेत पर सो रहे किसान की कुल्हाड़ी से हत्या, दो संदिग्धों पर शक

Mon Jan 12 , 2026
टीकमगढ़। मजगुवां गांव में सोमवार सुबह करीब 4 5 बजे खेत पर आग ताप रहे एक किसान की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बेटे की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मजगुवां गांव निवासी भगवान दास साहू (58) अपने […]

You May Like

मनोरंजन