नयी दिल्ली, 12 जनवरी (वार्ता) मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने स्वामी विवेकानंद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य न्यायाधीश ने स्वामी विवेकानंद भारत के महानतम दूरदर्शी व्यक्तियों में से एक और देश की संस्कृति एवं दर्शन के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय राजदूत के रूप में वर्णित किया। मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय परिसर में रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए बहुत प्रासंगिक हैं।
रक्तदान शिविर का आयोजन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) एवं अधिवक्ता परिषद, सुप्रीम कोर्ट यूनिट द्वारा विवेकानंद जयंती के अवसर पर संयुक्त रूप से किया गया।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “स्वामी विवेकानंद बहुत महान दूरदर्शी व्यक्ति थे। उनकी शिक्षाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं विशेषकर नई पीढ़ी के लिए। उनके द्वारा बोला गया प्रत्येक शब्द दूरदर्शी था, नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण था और हमारे देश की समृद्ध विरासत एवं सांस्कृतिक लोकाचार को बढ़ावा देता था। वह भारतीय संस्कृति एवं दर्शन के सबसे महान अंतरराष्ट्रीय राजदूत थे।” न्यायमूर्ति सूर्यकांत उन कई राष्ट्रीय हस्तियों में शामिल हैं जिन्होंने स्वामी विवेकानंद की 164 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसे पूरे देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं ने भी स्वामी विवेकानंद के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास एवं राष्ट्र निर्माण के चिरस्थायी संदेश को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि अर्पित करते समय एक सर्वमान्य विषय स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश के युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें एक विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण के लक्ष्य की ओर मार्गदर्शन प्रदान करना था इस वर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस ‘स्वयं को प्रज्वलित करें; विश्व पर प्रभाव डालें’ विषय के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश की भागीदारी ने राष्ट्रीय हस्तियों एवं सामाजिक मुद्दों के साथ न्यायपालिका की सक्रिय भागीदारी को उजागर किया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने नवंबर 2025 में भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली और तब से वे संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी एवं देश की सभ्यतागत विरासत से प्रेरणा लेने वाली पहलों में सक्रियता से जुड़े हुए हैं।

