नई दिल्ली | 12 जनवरी, 2026: वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में विराट कोहली एक बार फिर ‘नर्वस नाइंटीज’ का शिकार होकर पवेलियन लौट गए। अपने 54वें वनडे शतक की ओर मजबूती से बढ़ रहे कोहली 93 रन के निजी स्कोर पर कीवी गेंदबाज काइल जैमीसन की गेंद को बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में मिड-ऑफ पर कैच दे बैठे। कोहली के आउट होते ही पूरे स्टेडियम में सन्नाटा छा गया। उन्होंने अपनी 91 गेंदों की पारी में 8 शानदार चौके और 1 छक्का जड़ा था। टीम इंडिया उस वक्त जीत की दहलीज पर थी, लेकिन कोहली का इस तरह आउट होना फैंस को काफी मायूस कर गया।
एकदिवसीय क्रिकेट में यह 8वां अवसर था जब विराट कोहली 90 से 99 रन के बीच आउट हुए हैं। इस दुर्भाग्यपूर्ण आंकड़े के साथ ही वे अब जैक्स कैलिस के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुँच गए हैं। क्रिकेट इतिहास में ‘नर्वस नाइंटीज’ का सबसे ज्यादा शिकार होने का रिकॉर्ड मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम है, जो रिकॉर्ड 18 बार शतक से ठीक पहले आउट हुए थे। कोहली के बाद केन विलियमसन और नाथन एस्टल जैसे दिग्गज 9-9 बार इस फेहरिस्त का हिस्सा बने हैं। कोहली अब सचिन के उस अनचाहे रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहे हैं जिसे कोई भी बल्लेबाज नहीं छूना चाहता।
जिस समय कोहली आउट हुए, भारत 301 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहद मजबूत स्थिति में था। श्रेयस अय्यर के साथ उनकी जमी हुई जोड़ी ने कीवी गेंदबाजों को पस्त कर दिया था। हालांकि, कोहली अपनी एकाग्रता खो बैठे और एक छक्के की कोशिश में अपना विकेट गंवा दिया। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो कोहली अगर दो बार और इस स्थिति में आउट होते हैं, तो वे केन विलियमसन को पछाड़कर सचिन के बाद दूसरे सबसे ज्यादा बार नर्वस नाइंटीज का शिकार होने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। फिलहाल भारतीय फैंस को उम्मीद है कि अगले मैच में कोहली इस झटके को भुलाकर अपना 54वां शतक जरूर पूरा करेंगे।

