भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए प्रदेशभर में ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। बीते एक सप्ताह के दौरान पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग एप, “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम, टेलीग्राम आधारित टास्क फ्रॉड और ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ आम नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान से बचाया है।
भोपाल में पुलिस ने “फाल्कन ट्रेडर्स” नामक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। इंदौर के विजय नगर स्थित स्काई कॉर्पोरेट पार्क में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 10 युवक और 10 युवतियों सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी नकली एप और वेबसाइट के माध्यम से शुरुआती मुनाफा दिखाकर निवेशकों को झांसे में लेते थे।
मौके से बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और नकद राशि जब्त की गई।
बुरहानपुर में साइबर सेल ने बैंक समन्वय से फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी के शिकार व्यक्ति को 8.7 लाख रुपये वापस दिलाए। वहीं उज्जैन में पुलिस की तत्परता से एक बुजुर्ग दंपती को “डिजिटल अरेस्ट” ठगी से बचाया गया। बैतूल में 80 वर्षीय बुजुर्ग से 23.5 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले की जांच जारी है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ एमपी पुलिस की सतर्क और समन्वित रणनीति को दर्शाती है।
