
आलीराजपुर । शीतलहर और अत्यधिक ठंड के चलते जिले में फसलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी एकत्रित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र आलीराजपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.के. यादव, परियोजना संचालक आत्मा दादू सिंह मौर्य तथा परियोजना उपसंचालक आत्मा बी.एस. बघेल के संयुक्त दल ने आज आलीराजपुर जिले के खारकुआं, मयाला, बेगड़ी, खरपाई, राजावाट सहित विभिन्न ग्रामों का भ्रमण किया।
भ्रमण के दौरान संयुक्त दल ने गेहूं, चना, मक्का, बाजरा आदि फसलों की स्थिति का निरीक्षण किया। बुआई के अनुसार फसलों में फूल, फल, कल्ले, बालियां एवं भुट्टों की स्थिति अच्छी पाई गई, जिससे किसानों में संतोष का माहौल देखा गया।
कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जिले की कृषि सखियों को नवाचार के तहत प्रदाय किए गए कुसुम फसल के बीजों से उगाई गई फसल का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कुसुम फसल की स्थिति संतोषजनक पाई गई तथा यह फसल जिले में अधिक आमदनी प्राप्त करने के लिए उपयुक्त बताई गई। इस दौरान संयुक्त दल ने ग्रामों के कृषकों की फसल संबंधी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और मौके पर ही समाधान भी बताया। वैज्ञानिकों द्वारा कीट प्रबंधन के लिए आवश्यक सलाह दी गई। मक्का फसल में तने की इल्ली के नियंत्रण हेतु इमामेक्टिन बेंजोएट 10 ग्राम प्रति पंप छिड़काव की सलाह दी गई।चना फसल में इल्ली के प्रकोप पर प्रोफेनोफॉस कीटनाशक 45 मिली प्रति पंप छिड़काव करने को कहा गया।वहीं सब्जी फसलों में माहू सहित अन्य रस चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 7 से 10 मिली प्रति पंप छिड़काव करने की सलाह दी गई।
