जबलपुर: शहर के गोलबाजार स्थित शहीद स्मारक परिसर में शनिवार को सुबह 11 बजे वंदे मातरम गायन के साथ कांग्रेस ने जय हिंद सभा की शुरूआत की। सभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मुझे जबलपुर आकर अपनी जवानी याद आती है, यहां आकर मैं अपनी जवानी याद कर रहा था। मैं देवी अहिल्या बाई को नमन करता हूं। इतनी बड़ी संख्या में आप आए हैं, सबूत है कि आपको सेना पर गर्व है।
सभी सेनानियों को प्रणाम करते हैं। मैने 1971 में बांग्लादेश का युद्ध देखा लेकिन इंदिरा जी दबी नहीं। उन्होंने कहा कि मप्र राजधानी है झूठ की, भ्रष्टाचार की, किसान विरोध की, महंगाई बेरोजगारी, हमारे नौजवान भटक रहे हैं, कैसे निर्माण होगा मप्र का। रोजगार आता है तो विश्वास से आता हैं। मैं मुख्यमंत्री था तो बिजनेस मैन से कहता था कि मप्र में आइए तो वह कहते थे कि मप्र में बहुत भ्रष्टाचार है। महंगाई की कोई सीमा नहीं है।
वहीं अपने सम्बोधन में राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने कहा कि ये फौजियों का शहर है, ये आर्मी के उद्योगों का शहर है। आर्मी का बहुत बड़ा प्रेजेंट है। अगर एमपी में यह सभा जो उचित थी वह जबलपुर थी। उसके लिए में धन्यवाद करता हूं। हम लोग दिल से फौजी हैं, फौज के प्रति हम सम्मान रखते हैं। फौज ने इस देश के लिए किया है उसका हम जितना धन्यवाद दें वह भी कम है। फौज युद्ध लड़ती है, बलिदान देती है, और दुख भी उसके परिवार को होता है।
लेकिन जब उसका श्रेय सरकार लेने लगती है, तो बहुत दुख होता है। फौज के हर पहलू के साथ हम खड़े हैं, उनका सम्मान करते हैं। वो बॉर्डर पर रहते हैं और देश की चिंता करते हैं। जब उनका शव घर आता है तो उन महिलाओं का सिंदूर उजड़ जाता है, बच्चों के सर से पिता का साया चला जाता है। मैं कभी नहीं चाहूंगा किसी भी महिला का सिंदूर उजड़े, मैं कभी नहीं चाहूंगा कि युद्ध हो।मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, राज्यसभा सांसद विवेक तंखा, हरीश चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, सज्जन वर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री तरुण भनोट सहित प्रदेश एवं जिला के पदाधिकारी आदि मौजूद हैं।
