जबलपुर: मध्य प्रदेश शासन के महत्वाकांक्षी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत शहर की जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए नगर निगम ने कार्ययोजना पर कार्य शुरू कर दी है। निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने अभियान की विस्तृत समीक्षा की और जल संचयन की दिशा में कई बड़े निर्णयों पर काम प्रारंभ करने निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल पारंपरिक जल स्रोतों को बचाना है, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से भू-जल स्तर को बढ़ाना भी है।
अभियान की मुख्य झलकियाँ…
–शहर के शासकीय और अशासकीय 1000 से अधिक उद्यानों में सोखता पिट बनाए जाएंगे। इससे वर्षा जल सीधे जमीन के भीतर जाएगा और सूखे की समस्या से निजात मिलेगी।
–जल संकट को दूर करने के लिए शहर के 10,000 भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम भविष्य में जल स्वावलंबन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
–शहर के पुराने तालाबों और जल निकायों को चिन्हित कर उन्हें पुनर्जीवित करने की कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इससे शहर की प्राकृतिक सुंदरता और जल स्तर दोनों में सुधार होगा।
–प्रदूषित जल का उपचार और पुन: उपयोग एस.टी.पी.प्लांट्स के माध्यम से प्रदूषित जल को उपचारित किया जा रहा है।
