नई दिल्ली | 08 जनवरी, 2026: ग्लोबल टैलेंट प्लेटफॉर्म ‘टर्न ग्रुप’ की ताज़ा रिपोर्ट ने भारतीय युवाओं की सोच को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। सर्वे के मुताबिक, देश के 52 प्रतिशत युवा बेहतर करियर और अधिक पैसा कमाने की चाहत में विदेश जाकर बसना चाहते हैं। यह रिपोर्ट देशभर के करीब 8,000 लोगों से की गई बातचीत पर आधारित है। आंकड़ों के अनुसार, पलायन का सबसे मुख्य कारण ‘आर्थिक विकास’ है, जिसे 46 फीसदी लोगों ने अपनी प्रेरणा बताया, जबकि 34 फीसदी युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘करियर ग्रोथ’ और ग्लोबल एक्सपोजर के लिए देश छोड़ना चाहते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि भारतीय युवाओं की पसंदीदा मंजिलों की सूची में बड़ा बदलाव आया है। अब पारंपरिक रूप से पहली पसंद रहने वाला अमेरिका केवल 4 फीसदी युवाओं की पसंद रह गया है। इसकी जगह अब जर्मनी 43 फीसदी लोकप्रियता के साथ सबसे पसंदीदा देश बनकर उभरा है। इसके बाद यूनाइटेड किंगडम (17%) और जापान (9%) का नंबर आता है। रिपोर्ट बताती है कि हेल्थकेयर सेक्टर, विशेषकर नर्सों के माइग्रेशन में टियर-2 और टियर-3 शहरों का योगदान सबसे ज्यादा है, जो वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों में भारतीय प्रतिभा की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
विदेश जाने की तीव्र इच्छा के बावजूद युवाओं के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी हैं। सर्वे में शामिल 44 फीसदी युवाओं ने माना कि ‘भाषा की बाधा’ उनके सपनों के आड़े आ रही है। वहीं, 48 फीसदी लोगों ने रिक्रूटमेंट के दौरान धोखाधड़ी और अनैतिक तरीकों का कड़वा अनुभव साझा किया है। इसके अलावा, विदेश जाने की ऊंची लागत और सही मार्गदर्शन की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश में ही समान अवसर और प्रतिस्पर्धी वेतन मिले, तो इस ‘ब्रेन ड्रेन’ को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

