पूर्ण दक्षता से सुरक्षा जिम्मा संभालेगी ‘कोर’

उज्जैन: देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ किस प्रकार से व्यवहार करना है, महाकाल मंदिर और अन्य देवालय शिवालय के विषय में पुख्ता जानकारी के साथ ही आगमन, निर्गम और मंदिर की गतिविधियों की समस्त कार्य प्रणाली सुरक्षा कंपनी के गार्डस को पता होना चाहिए, ऐसे में पूर्ण दक्ष होने के मद्देनजर मंदिर की नई सुरक्षा कंपनी ‘कोर’ को ट्रेनिंग दी जा रही है.

श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में मंदिर समिति ने तय प्रक्रिया के तहत नया टेंडर आमंत्रित किया था. इस टेंडर में दिल्ली की कौर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर अंतिम मुहर लगी है. मंदिर समिति द्वारा कंपनी को सुरक्षा व्यवस्था के बदले प्रतिवर्ष लगभग 20 करोड़ रुपये की राशि का अनुबंध दिया गया है.

हथियारबंद गार्ड के साथ 1000 की संख्या
नई व्यवस्था के अंतर्गत महाकाल मंदिर परिसर में कुल लगभग एक हजार सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे. इनमें कुछ प्रशिक्षित हथियारबंद गार्ड शामिल रहेंगे, जबकि शेष सुरक्षाकर्मी मेटल डिटेक्टर, हैंड मेटल डिटेक्टर, वॉकी-टॉकी जैसे आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस होंगे. कंपनी को शीघ्र ही वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा, जिसके बाद वह औपचारिक रूप से मंदिर की संपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारी संभालेगी.

अभी क्रिस्टल के पास जिम्मा
फिलहाल महाकाल मंदिर की सुरक्षा महाराष्ट्र स्थित क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास है, जिसका टेंडर समाप्त हो चुका है. क्रिस्टल कंपनी का टर्नओवर लगभग 475 करोड़ रुपये रहा है और यह देश के कई प्रतिष्ठित स्थानों पर सुरक्षा सेवाएं दे चुकी है. मुंबई में अभिनेता शाहरुख खान के निवास ‘मन्नत’, एचडीएफसी, मुंबई नगर निगम, फिनिक्स मॉल और एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं की सुरक्षा का दायित्व भी इसी कंपनी के पास रहा है. ऐसे में मंदिर समिति ने नई कंपनी कौर सर्विसेज को कार्यभार सौंपने से पहले उसे आवश्यक अनुभव दिलाने का निर्णय लिया है.

जय श्री महाकाल के उद्घोष से संबोधन
इसी क्रम में कौर सर्विसेज के अधिकारी और कर्मचारी स्वयं भी प्रशिक्षण ले रहे हैं तथा नए सुरक्षा गार्डों की भर्ती कर उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. यह प्रशिक्षण केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि महाकाल मंदिर की आध्यात्मिक परंपरा, धार्मिक मर्यादा और अतिथि-सत्कार की संस्कृति पर भी केंद्रित है. सुरक्षा कर्मियों को यह सिखाया जा रहा है कि श्रद्धालुओं, साधु-संतों और अतिथियों से किस प्रकार विनम्र व्यवहार करना है, प्रवेश करते ही ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष के साथ उनका स्वागत कैसे करना है तथा उन्हें मंदिर में आने-जाने के मार्गों की सही जानकारी कैसे देनी है.

गतिविधियों और आयोजन की जानकारी
प्रशिक्षण में यह भी शामिल है कि दर्शन की विभिन्न व्यवस्थाएं क्या हैं, पूजन-अभिषेक कहां और कैसे होता है, जल अर्पण की प्रक्रिया क्या है, दान पेटियां कहां स्थित हैं और रसीद प्रणाली कैसे कार्य करती है. साथ ही सुरक्षा कर्मियों को महाकालेश्वर मंदिर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व, कोटि तीर्थ कुंड की महिमा, पर्व-त्योहारों की परंपरा और आयोजन की विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है।विशेष रूप से सावन मास, नाग पंचमी, कार्तिक मास, महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख पर्वों पर दर्शन व्यवस्था कैसी रहती है, बाबा महाकाल की सवारी कब-कब निकलती है और किन मार्गों पर प्रतिबंध रहता है—इन सभी विषयों पर सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है.

इनका कहना है
हाल फिलहाल महाकाल मंदिर में क्रिस्टल कम्पनी ही सुरक्षा जिम्मा संभाल रही है, और नई कंपनी के कुछ गार्ड्स महाकाल मंदिर में तैनात किए गए हैं ताकि उन्हें जानकारी और अनुभव प्राप्त हो सके.
– प्रथम कौशिक , प्रशासक ,महाकाल मंदिर उज्जैन

Next Post

एमजीएम मेडिकल कॉलेज को यलो फीवर टीकाकरण की मंजूरी

Thu Jan 8 , 2026
इंदौर:अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है. एमजीएम मेडिकल कॉलेज को यलो फीवर टीकाकरण केंद्र स्थापित करने की औपचारिक स्वीकृति मिल गई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय से मंजूरी मिलने के साथ ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज मध्यप्रदेश का पहला सरकारी […]

You May Like