गुना: ग्राम पंचायत सकतपुर की सूर्यांश कॉलोनी के रहवासियों का धैर्य बुधवार को जवाब दे गया। पिछले 8 दिनों से अंधेरे में डूबे और पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय सरपंच और बिजली कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।ग्रामीणों के मुताबिक सूर्यांश कॉलोनी लगभग 10 साल पहले अस्तित्व में आई थी, लेकिन आज भी यहाँ बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी में स्थाई बिजली कनेक्शन और पेयजल की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
अब तक ग्रामीण महा लक्ष्मी नगर पर लगी डीपी की लाइन से डायरेक्ट तार डालकर काम चला रहे थे, लेकिन हाल ही में बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने उन तारों को भी काटकर जब्त कर लिया। आक्रोशित ग्रामीण बुधवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचे और गेट के बाहर ही जमीन पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि, जब तक कलेक्टर साहब खुद आकर हमारी समस्या नहीं सुनेंगे और समाधान का ठोस आश्वासन नहीं देंगे, हम यहाँ से नहीं हटेंगे। हालांकि यह गुस्सा मुख्य रूप से बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर था, लेकिन ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर सहयोग न मिलने के कारण सरपंच के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और कहा कि बिजली कंपनी के दल को मौके पर भेजा जा रहा है, इसलिए वे प्रदर्शन खत्म कर घर लौट जाएं। लेकिन ग्रामीण ठोस कार्रवाई पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर बिजली बहाल नहीं हुई और समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो गुरुवार को बायपास पर जाकर नेशनल हाईवे बायपास पर चक्काजाम किया जाएगा। रहवासियों ने बताया कि मंगलवार को भी बिजली कंपनी के दफ्तर में शिकायत की गई थी, जहाँ सिर्फ आश्वासन मिला। बिजली न होने के कारण घरों में लगे मोटर पंप बंद हैं, जिससे पीने और दैनिक उपयोग के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। 8 दिनों से बिना बिजली के रह रहे बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे खराब है।
