
छतरपुर।छतरपुर जिले में कड़ाके की ठंड के बीच किसानों को यूरिया खाद के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले के गोदामों और विपणन संघों में यूरिया का स्टॉक समाप्त हो चुका है, जिसके चलते किसानों को मजबूरी में अन्य वैकल्पिक खाद दी जा रही है। सुबह से ही किसान ठंड में लाइन लगाकर खाद केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रहा है।
किसानों का कहना है कि इस समय फसलों को यूरिया की सबसे अधिक जरूरत है। समय पर खाद न मिलने से रबी फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। वहीं टोकन व्यवस्था भी अव्यवस्थित बनी हुई है, जिससे कई किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है।
सरकार ने 1 जनवरी से प्रदेश में ई-टोकन प्रणाली लागू की है, ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके और किसानों को सुविधा मिले। हालांकि छतरपुर जिले में सर्वर डाउन होने के कारण यह व्यवस्था अभी शुरू नहीं हो सकी है। अधिकारियों के अनुसार 7 जनवरी को सागर में होने वाले संभाग स्तरीय प्रशिक्षण के बाद प्रक्रिया सुचारु होगी।
विपणन संघ के अधिकारियों का कहना है कि नई यूरिया रैक आने के बाद स्थिति सामान्य होगी। फिलहाल नैनो यूरिया और अन्य खाद का वितरण किया जा रहा है। वहीं किसानों का आरोप है कि पूरे रबी सीजन में खाद प्रबंधन सही नहीं रहा और पहले डीएपी, अब यूरिया के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है।
