भोपाल: राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठकों को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रालय में आज हो रही कैबिनेट बैठक हाईब्रिड मॉडल पर आयोजित की जा रही है, जिसमें मंत्रियों को टैबलेट के माध्यम से कैबिनेट एजेंडा उपलब्ध कराया गया है, साथ ही शुरुआती तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए उन्हें मैनुअल एजेंडा भी दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह हाईब्रिड व्यवस्था केवल इसी माह तक लागू रहेगी। इसके बाद कैबिनेट बैठकें पूरी तरह ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित की जाएंगी, जिसमें मंत्री केवल टैबलेट पर ही कैबिनेट की कार्यसूची देख सकेंगे।कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों और संबंधित विभागों के सचिवों को ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में प्रेजेंटेशन और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि डिजिटल प्रणाली का प्रभावी और सुचारु उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
ई-कैबिनेट एप्लीकेशन को आधुनिक, कागजरहित, सुरक्षित और गोपनीय प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। इसके माध्यम से मंत्रीगण कभी भी और कहीं से भी अपनी सुविधा अनुसार कैबिनेट एजेंडा देख सकेंगे। इससे भौतिक फोल्डर वितरण समाप्त होगा और कागज, समय व संसाधनों की बड़ी बचत होगी।
इस एप्लीकेशन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके जरिए पूर्व कैबिनेट बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुपालन प्रतिवेदन भी देखे जा सकेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने वर्ष 1960 से अब तक के सभी कैबिनेट निर्णयों का डिजिटलीकरण पहले ही पूरा कर लिया है।
भविष्य में संबंधित विभागों के भारसाधक सचिवों को भी टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अपने विभाग से जुड़े एजेंडों पर कैबिनेट के समक्ष डिजिटल प्रेजेंटेशन दे सकें। यह पहल राज्य में ई-गवर्नेंस को नई मजबूती देने और प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
