इंदौर:शहर में कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को लेकर मिले खुफिया इनपुट के बाद पुलिस ने धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. आदेशों का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति से पहले ही निपटना बताया है.पुलिस सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिले थे कि असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाने, साम्प्रदायिक व सामाजिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिश की जा सकती है.
इसके साथ ही बिना अनुमति रैली, जुलूस और प्रदर्शन आयोजित कर शांति भंग करने की आशंका भी जताई गई थी. इंटेलिजेंस रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले थे कि कुछ तत्व नशीली व प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री, ज्वलनशील पदार्थों के खुले विक्रय और संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही के जरिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं. इसी के मद्देनज़र पुलिस ने एहतियातन सख्त प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं. आदेशों के तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस, धरना या सार्वजनिक आयोजन पर रोक लगाई गई है. ऐसे आयोजनों में अस्त्र शस्त्र या विस्फोटक पदार्थ के उपयोग अथवा प्रदर्शन पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.
सोशल मीडिया को लेकर भी पुलिस अलर्ट है. खुफिया जानकारी के अनुसार झूठी खबरों, आपत्तिजनक पोस्ट और अफवाहों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो सकती है, इसलिए ऐसी सामग्री को पोस्ट, शेयर, लाइक या फारवर्ड करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी है. सुरक्षा कारणों से घरेलू नौकर, किरायेदार, कामगार, पेइंग गेस्ट, हॉस्टलर्स, सुरक्षा गार्ड, होटल-लॉज में ठहरने वालों और ऑनलाइन डिलीवरी से जुड़े व्यक्तियों का सत्यापन अनिवार्य किया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नियंत्रण किया जा सके. बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नशीली व प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री और खुले में पेट्रोल व अन्य ज्वलनशील पदार्थों के विक्रय पर भी प्रतिबंध लगाया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी आदेशों का मकसद खुफिया इनपुट के आधार पर संभावित खतरे को टालना और शहर में शांति, सौहार्द व सुरक्षा बनाए रखना है.
