जबलपुर: किसानों से प्राप्त लगातार शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने दीनदयाल चौक स्थित मेसर्स चौधरी फर्टिलाइजर्स का उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। किसानों ने आरोप लगाया था कि ई-टोकन से बुक की गई खाद के स्थान पर उन्हें दूसरी खाद और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने बताया कि शिकायतों में सामने आया कि यदि किसान अतिरिक्त या दूसरी खाद लेने से इंकार करते थे, तो प्रतिष्ठान द्वारा पीओएस मशीन खराब होने का बहाना बनाकर खाद देने से मना कर दिया जाता था।
जांच में हुआ खुलासा
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संबंधित प्रतिष्ठान से आईएफएमएस पोर्टल के माध्यम से लगातार उर्वरक का विक्रय किया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले खाद विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से अपील की गई है कि ऐसी किसी भी अनियमितता की तत्काल शिकायत करें।
