जबलपुर: उक्त विचार वर्तिका की मासिक काव्य गोष्ठी में अतिथियों ने व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य सामाजिक परिवर्तन का आधार है जो हमें ज्ञान मनोरंजन प्रेरणा एवं सामाजिक संदेश देता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आलोक श्रीवास्तव एवं अध्यक्षता डॉ मीना भट्ट ने की, विशिष्ट अतिथि दिवाकर शर्मा एवं अतिथि स्वागत प्रतिमा अखिलेश श्रीवास्तव, मुख्य वक्ता राजेश पाठक प्रवीण थे जिन्होंने वर्तिका की साहित्यिक परंपरा एवं राष्ट्रीय अलंकरण समारोह के बारे में जानकारी दी। संयोजक विजय नेमा ने फरवरी में होने जा रहे वार्षिक अधिवेशन की विस्तृत जानकारियां दी।
कार्यक्रम का संचालन यूनुस अदीब एवं आशुतोष तिवारी ने किया आभार सुशील श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार शिवकुमार दुबे इंदौर एवं मनोज जैन मित्र के काव्य पटल का लोकार्पण भी हुआ। उल्लेखनीय है कि यह काव्य पटेल शहीद स्मारक प्रांगण में एक माह तक पाठकों के लिए लगा रहता है। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें एक से बढ़कर एक समसामयिक रचनाओं का पाठ किया गया। संस्कारधानी के कुंजीलाल श्रीवास्तव, प्रीति नामदेव, प्रभा खरे, छाया त्रिवेदी, शशिकला सेन, प्रभा श्रीवास्तव, डॉ सलमा जमाल, तरुणा खरे, मनोज शुक्ला, सुशील जैन, निर्मला उत्तम श्रीवास्तव, सुवीर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
