केंद्रपाड़ा, 02 जनवरी (वार्ता) ओडिशा के गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य के कर्मचारियों ने पिछले 24 घंटों के दौरान अभयारण्य के ‘नो फिशिंग जोन’ में अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में आंध्र प्रदेश के 16 मछुआरों को गिरफ्तार कर दो ट्रॉलर जब्त किये हैं।
अभयारण्य के रेंजर कपिलेंद्र प्रधान ने बताया कि वन अधिकारियों ने ट्रॉलर से मछली, मछली पकड़ने के जाल और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। वनकर्मियों ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के छह मछुआरों को गिरफ्तार किया और मदली मुहाने के पास आंध्र प्रदेश के एक ट्रॉलर को रोका।
अधिकारियों ने मछुआरों को प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ते हुए पाया गया। उनसे एक जीपीएस डिवाइस, दो वीएचएफ सेट, एक फिश फाइंडर, 10 ट्रोलिंग जाल और लगभग 50 किलोग्राम विभिन्न समुद्री मछलियां जब्त कीं। गिरफ्तार मछुआरे आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले के रहने वाले हैं। इससे पहले गुरुवार तड़के वनकर्मियों ने एक और मछली पकड़ने वाले जहाज को रोका था और अभयारण्य के अंदर मदली मुहाने से लगभग 14 किमी दूर नो फिशिंग जोन में घुसने के आरोप में 10 मछुआरों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों के साथ गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य में घुसने के आरोप में अब तक कुल 226 समुद्री मछुआरों को गिरफ्तार किया गया है और 24 ट्रॉलर जब्त किये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि ओडिशा सरकार ने लुप्तप्राय ओलिव रिडले समुद्री कछुओं के बड़े पैमाने पर घोंसला बनाने के मद्देनजर पिछले साल 1 नवंबर से धामरा-देवी नदी के मुहाने से 20 किमी के क्षेत्र में सात महीने के लिए मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
श्री प्रधान ने कहा कि समुद्री अभयारण्य का दर्जा प्राप्त गहिरमाथा में पूरे साल मछली पकड़ना प्रतिबंधित है।
